राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार के रवैये ने पाकिस्तान का मनोबल बढ़ाया है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि केंद्र में एनडीए सरकार के आने के बाद से एलओसी और सीमा पर जवानों और नागरिकों की पाक फायरिंग में मौतें होने की घटनाएं बढ़ीं हैं।
आजाद का कहना है कि भाजपा नेतृत्व को याद होना चाहिए कि उन्होंने चुनाव के दौरान लोगों से वादा किया था कि एनडीए की सरकार सत्ता में आने के बाद सीमा और एलओसी पर शांति बहाल होगी।
आजाद ने बीएसएफ महानिदेशक द्वारा अगस्त में दिए गए बयान कि 1971 के बाद अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अब तक की सबसे ज्यादा फायरिंग हुई है, उसका हवाला देते हुए कहा कि इससे साबित होता है कि एनडीए सरकार की नीतियां फेल हुईं हैं।
सीमा पार से सीज फायर उल्लंघन की घटनाओं को लगातार अंजाम देने पर उन्होंने पाकिस्तानी सेना की निंदा की। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तान की हरकतों का माकूल जवाब नहीं दिए जाने के कारण पाकिस्तान के हौसले बुलंद हुए हैं। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान केंद्र की नई सरकार को गंभीरता से नहीं ले रहा है।