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हिंदी संस्कृति की संवाहक व वास्तविक पहचान, बढ़े कारवां

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में हिंदी के पठन-पाठन की लंबी परंपरा रही है। लेकिन हिंदी पढ़ने वाले युवाओं को शैक्षणिक संस्थानों के अलावा अन्य क्षेत्रों में रोजगार नहीं मिल पा रहा। जम्मू के हिंदी के विद्वानों और साहित्यकारों के मुताबिक आधिकारिक भाषा अधिनियम, 2020 के तहत प्रदेश में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला है। अब कार्यालयों में अनुवादक, हिंदी टाइपिस्ट और हिंदी अधिकारियों के पद भरे जाने चाहिए। इससे हिंदी में पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। लोगों को पत्राचार और अन्य कामकाज में आसानी हो सकेगी। हिंदी का विकास भी होगा। हिंदी संस्कृति की संवाहक और वास्तविक पहचान है। इसे आगे बढ़ाने के लिए सभी को कारवां बनाने की जरूरत है।
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दफ्तरी कामकाज के लिए हिंदी आसान भाषा है। यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है। लेकिन जम्मू-कश्मीर के कार्यालयों में हिंदी में काम शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि प्रदेश में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला है। सोशल मीडिया के अलावा बाकी क्षेत्रों में हिंदी को लेकर रोजगार नहीं खुला है। सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए अधिक बल दिया जाए।
अमिता मेहता, हिंदी साहित्यकार, जम्मू
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केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में हिंदी के विकास की जरूरत है। हिंदी पढ़े-लिखे युवा सिर्फ शैक्षणिक संस्थानों में निकले पदों पर निर्भर हैं, जबकि हर कार्यालय में अनुवादक, हिंदी टाइपिस्ट और अधिकारी समेत बाकी पद होने चाहिए। केंद्र शासित प्रदेश में राज्य के दौर की तरह अभी भी अन्य भाषाओं में कामकाज हो रहा है। इस कार्यप्रणाली में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। लोगों को भी अपनी सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। तभी सरकार इस बात पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
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प्रो. डॉॅॅॅ. परविंद्र कौर (रि.) हिंदी विभाग, जम्मू विवि
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हिंदी भाषा भारतीय संस्कृति की वास्तविक पहचान है। यह हमारे जीवन में मूल्यों, संस्कृति, संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक है। हिंदी हमारे पारंपरिक ज्ञान, प्राचीन सभ्यता और आधुनिक प्रगति के बीच का सेतु है। राष्ट्रभाषा हिंदी अनुवाद की ही नहीं बल्कि संवाद की भी भाषा है। इसी संवाद को बनाए रखने के लिए प्रदेश में इसे राजभाषा घोषित किया गया है। यह एक नई पहल है। इससे प्रदेश में रोजगार उपलब्ध होंगे।
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- डॉ. अंजू थापा, निदेशक, हिंदी विभाग दूरस्थ शिक्षा निदेशालय, जम्मू विवि
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