शिक्षकों ने कमजोर छात्रों विशेष कक्षाएं शुरू करने, माध्यमिक से उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों को अपग्रेड करने के बजाय, पहले से मौजूद उच्च माध्यमिक विद्यालयों में छात्रावास की सुविधा प्रदान करने का भी सुझाव दिया।
सरकारी स्कूलों में लगातार ड्रॉप आउट रेट बढ़ रहा है। इसे कम करने के लिए स्कूलों में प्रतिदिन मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करने के साथ अभिभावकों को परामर्श देकर बच्चों की शिक्षा के महत्व के बारे में बताना होगा। यह बात जम्मू संभाग में डोडा जिले के शिक्षकों ने अवाम की आवाज रेडियो कार्यक्रम में उप-राज्यपाल के साथ साझा की थी।
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एलजी मनोज सिन्हा ने गुरुवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इन बातों का उल्लेख करते हुए शिक्षकों के सुझावों की सरहाना की और शिक्षा विभाग को इन सुझावों पर काम करने को कहा। रोडियो कार्यक्रम में शिक्षाक सुनील कुमार ने सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पर्यटन और जनसंचार विषयों को शामिल करने, स्कूलों की बजाय आंगनबाड़ी केंद्रों में मिड-डे-मिल का भोजन तैयार करने, पदोन्नति के लिए शिक्षक भर्ती के पीआरटी, टीजीटी, पीजीटी पैटर्न और विभागीय परीक्षा का भी प्रस्ताव रखा। वहीं शिक्ष ऋषि कुमार ने ड्रॉप आउट रेट को कम करने के साथ कक्षा पांचवीं, छठी और सातवीं की परीक्षा डाइट की बजाय संबंधित स्कूलों द्वारा आयोजित करवाने की बात कही।