उपराज्यपाल ने कहा कि दो दिन बाद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। योग विशुद्ध रूप से विज्ञान है। योग चेतना और शारीरिक स्वास्थ्य का उच्चतम स्तर है। बहुत से वैज्ञानिक अध्ययन इसकी पुष्टि करते हैं कि योगासन इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ शरीर की एकाग्रता और सक्रियता को बढ़ाने में मदद करते हैं। योग से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। प्राकृतिक और स्वस्थ प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र शासित प्रदेश में योग केंद्र स्थापित किया जाएगा।
श्रीनगर से अतहर खान ने बीएसएनएल ब्रॉडबैंड और लैंडलाइन के इलाकों में ऑडिट करवाने की मांग की। अतहर का कहना है कि दूर-दराज इलाकों में बहुत से लोग बीएसएनएल पर निर्भर हैं। यहां बीएसएनएल ब्रॉडबैंड और लैंडलाइन का इस्तेमाल होता है, लेकिन यहां सही नेटवर्क नहीं मिलता है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा प्राइवेट टेलीकॉम को जम्मू-कश्मीर में आमंत्रित किया जाना चाहिए। वहीं, उपराज्यपाल ने बताया कि टेलीकॉम को लेकर हाल ही में रिव्यू मीटिंग की गई थी। लोगों को बेहतर सुविधा मिले, इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
श्रीनगर से शिल्पी भट्ट ने दिशा और स्वयं पोर्टल की तरह प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन कंटेंट पोर्टल बनाने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को अपनी भाषा में अधिक से अधिक ज्ञान हासिल करने में मदद मिलेगी।
उधमपुर के पुनीत शर्मा ने आईटी से जुड़े इवेंट कराए जाने का सुझाव दिया। वहीं, राजोरी के शुभम ने सुझाव दिया कि मशहूर धार्मिक स्थलों के प्रचार के लिए लोगों को भी इसके साथ जोड़ा जाना चाहिए। इसके लिए समय-समय सेमीनार, प्रतियोगिता और अन्य कार्यक्रम किए जाने चाहिएं।
उपराज्यपाल ने बताया कि जम्मू और आसपास के इलाकों में ‘प्रीती मशरूम’ ब्रांड से लोग परिचित हैं। जम्मू के गांव अकालपुर की निवासी प्रीति चिब और उनके पति कर्ण सिंह का परिवार कभी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। फिर दोनों ने मिल कर मशरूम की खेती शुरू की। मेहनत से उपजाए मशरूम को बाजार में नई पहचान मिली। प्रीती से प्रेरित होकर आसपास की महिलाओं ने खुद का कारोबार शुरू किया। इस तरह अब आत्मनिर्भर महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि ‘प्रीति मशरूम’ आत्मनिर्भरता, लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण का पर्याय बन गया है।
बांदीपोरा के केहनुसा के अब्दुल समद धान की पुआल चप्पल को संजोने के लिए प्रयासरत हैं। इस पारंपरिक कला को जीवित रखने के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए उपराज्यपाल ने उन्हें बधाई दी।
जैनकोट के जावेद अहमद होकरसर वेटलैंड को साफ करने के लिए लोगों को लामबंद कर रहे हैं। जावेद का कहना है कि शुरू में तो कम लोग ही उनके साथ थे, लेकिन धीरे-धीरे लोग आने लगे और कारवां बढ़ता गया। जावेद अब तक 70 सफाई अभियान चला चुके हैं और इस दौरान कई टन कचरा वेटलैंड से बाहर निकाल चुके हैं।