मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि रियासत में मोबाइल टावरों और इससे जुड़े लोगों पर हो रहे हमले अस्थायी हैं और जो दोषी हैं,उस पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों ने काफी परेशानियां देखीं हैं और अब वह शांति चाहती है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकार के शांतिपूर्ण माहौल देने के प्रयासों को प्रभावित नहीं कर पाएंगी। अवाम गरिमा के साथ अपनी आजीविका अर्जित करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में जब उन्होंने श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस सेवा आरंभ की थी तो आतंकी हमले में टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर को आग लगा दी गई थी।
इसके बाद हमारे एक कार्यक्रम के दौरान बिजली स्टेशन को आग लगा दी गई। इससे हमारे इरादे नहीं टूटे। हमारा उद्देश्य लोगों को शांतिपूर्ण माहौल देना है और इसके लिए हमें लड़ना पड़ेगा। टावर हमलों में शामिल तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अलगाववादियों की रैलियों में पाकिस्तानी झंडे फहराने के मामले में मुफ्ती ने कहा कि इस मुद्दे को मीडिया ने ज्यादा उछाला है। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें करने वालों की संख्या बहुत कम है और उनके खिलाफ कानून अपना काम करेगा।
अफस्पा पर अपना उद्देश्य प्राप्त करेंगे: मुफ्ती
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा जम्मू-कश्मीर से आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) हटाने की संभावनाओं से इंकार किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि उनकी सरकार रियासत में लागू इस विवादास्पद एक्ट पर अपना उद्देश्य प्राप्त करेगी।
मुफ्ती ने कहा,‘मैं सब कुछ जानता हूं। मुझे पता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना। हमें जो करना चाहिए, वह हम करेंगे।’ श्रीनगर में इंटरनेशनल बायर-सेलर मीट का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
रक्षा मंत्री पर्रिकर ने बयान में कहा था कि यदि जम्मू कश्मीर या देश के किसी हिस्से में आंतरिक सुरक्षा के लिए सेना तैनात की जाती है तो अफस्पा लागू करना अनिवार्य है। रक्षा मंत्री के बयान के संबंध में पूछे जाने पर मुफ्ती ने सिर्फ इतना कहा, ‘हमारा जो उद्देश्य है, वह हम हासिल करेंगे।’
पीडीपी-भाजपा गठबंधन के अफस्पा पर एजेंडे के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ही पार्टियों की इस मुद्दे पर अलग-अलग राय है और रियासत में इसे बरकरार रखना चाहते हैं, लेकिन गठबंधन सरकार अशांत क्षेत्रों की पहचान करेगी। उन्होंने कहा कि इससे केंद्र सरकार को ऐसे क्षेत्रों में अफस्पा जारी रखने या हटाने पर फैसला लेने में मदद मिलेगी।