हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को कर्फ्यू हटने के बाद सैकडो़ं की तादाद में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और देश विरोधी प्रदर्शन किए।
इस दौरान कुपवाड़ा में उपद्रवियों ने कश्मीरी विस्थापितों की कालोनी पर हमला किया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुपवाड़ा जिले के नतनूसा इलाके में बुधवार को हजारों की तादाद में लोग इकट्ठा हुए और सरकार के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।
कुछ देर के बाद हजारों की तादाद में उपद्रवियों ने कश्मीरी पंडित मुलाजिमों की कालोनी को ओर रूख किया। इस दौरान कश्मीरी पंडित समुदाय का कोई भी परिवार कालोनी में नहीं था। जिस पर उपद्रवियों ने वहां पर खड़े वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की।
कश्मीरी पंडितों को मिली थी घाटी छोड़ने की धमकी
पथराव करते युवक
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मामले में एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कालोनी में रहने वाले सभी परिवार पहले ही जम्मू शिफ्ट हो चुके हैं। सूचना मिलते ही भारी संख्या में सुरक्षा बलों को घटना स्थल की ओर भेजा गया।
उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों पर भी जमकर पथराव किया। हालात को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैसे के गोले दागे और हवाई फायरिंग की, हालांकि इस दौरान किसी प्रदर्शनकारी के घायल होने की खबर नहीं है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पुलवामा में कश्मीरी पंडितों के कैंप के बाहर लश्कर-ए-इस्लाम नामक संगठन ने धमकी भरे पोस्टर चिपकाए थे। इसमें चेताया गया था कि कश्मीरी पंडितों तथा आरएसएस के एजेंटों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी कीमत पर इजराइल की तर्ज पर बांटने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे लोग खुद घाटी खाली कर चले जाएं। वहीं हिंसा के दौरान घाटी के कुछ इलाकों में कश्मीरी पंडितों की कालोनी पर हमले भी हुए हैं।
कर्फ्यू हटते ही फिर से हिंसा शुरू
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घाटी के बारामुला जिले के सोपोर इलाके में उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। हिंसक झड़प के दौरान आधा दर्जन से अधिक उपद्रवी घायल हो गए। इन्हीं में शामिल युवक दानिश मंजूर की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
सोपोर में हिंसक झड़प घंटों जारी रही। उधर, कुलगाम जिले के चवलगाम में उपद्रवियों ने पीडीपी के सांसद नजीर अहमद लावे के खाली पड़े मकान को आग लगा दी।
घाटी में 9 जुलाई से लागू कर्फ्यू की पाबंदियों को श्रीनगर के एमआर गंज और नौहाट्टा थाना क्षेत्रों से बुधवार को पहली मर्तबा हटाया गया। इसके तुरंत बाद उपद्रवी अल कायदा, लश्कर ए तैयबा, अल उमर आतंकी तंजीमों और पाकिस्तान के झंडे लहराते हुए सड़कों पर उतर आए।