अवामी इत्तिहाद पार्टी के अध्यक्ष एवं लंगेट से विधायक इंजीनियर रशीद पर विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने बुधवार को काली स्याही फेंकी और मारपीट भी की। भद्रवाह पहुंचे विधायक रशीद अपनी गाड़ी में थे, इसलिए उन पर स्याही नहीं पड़ी। भद्रवाह पुलिस थाने में इस संबंध में धारा 341, 427, 147, 336 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
दरअसल, विधायक रशीद मंगलवार की रात को भद्रवाह पहुंचे थे। यहां डाक बंगले में उन्होंने बुधवार की सुबह कार्यकर्ताओं की बैठक की। इधर, विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों को जब पता चला कि रशीद भद्रवाह में हैं तो वह कसबे के दूमेल में प्रदर्शन करने लगे।
बैठक के बाद रशीद जब वहां से गुजरे तो विहिप सदस्यों ने काले झंडे दिखाते हुए उनके काफिले को रोक लिया। इसके साथ ही उनके विरोध में नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान कुछ सदस्यों ने उन पर काली स्याही फेंकी।
विरोध के चलते घंटे भर डाक बंगले में रुकना पड़ा
उग्र विहिप सदस्यों ने विधायक की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। गाड़ी में बैठे रहने के दौरान ही उनके साथ मारपीट की गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने किसी तरह विधायक को वहां से निकाला। विहिप के जिला प्रधान सतीश कोतवाल ने आरोप लगाया कि विधायक रशीद पाकिस्तानी एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
वह रियासत के माहौल को खराब करने की कोशिश करते रहते हैं। एमएलए होस्टल में बीफ पार्टी देने के पीछे भी उनकी यही सोच थी। भद्रवाह पुलिस थाने के एसएचओ शैलेंद्र संब्याल ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।
भद्रवाह से डोडा पहुंचने पर भी विधायक रशीद को विरोध का सामना करना पड़ा। यहां सनातन धर्म सभा के प्रधान गजे सिंह राणा, बजरंग दल के नेता बचन सिंह के नेतृत्व में दो सौ से अधिक सदस्यों ने डोडा डाक बंगले के सामने काले झंडे दिखाते हुए हंगामा किया।
इसमें गोरक्षा समिति के सदस्य भी शामिल रहे। इसके चलते रशीद को तकरीबन एक घंटे तक यहां रुकना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें वहां से निकाला और टाउन हाल ले गए, जहां उन्हें अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करना था।
हमने हर जगह भाईचारे की बात की: रशीद
डोडा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए विधायक रशीद ने कहा कि यह उनका चिनाब वैली दौरा था। उन्होंने हर जगह सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की बात की। विकास और आम लोगों के मुद्दों पर चर्चा की।
हम चाहते हैं कि सभी लोग साथ मिलकर चलें ताकि रियासत का तेजी से विकास हो सके। रशीद ने कहा कि भद्रवाह, किश्तवाड़ और डोडा में बैठकों के लिए उन्होंने प्रशासन से अनुमति ली थी। इसके बावजूद उनके वाहन को तोड़ा और स्याही फेंकी।
यहां तक कि भद्रवाह में बीस से पच्चीस लोगों ने हमारे साथ मारपीट की। मुझे गाड़ी से घसीटा गया। इसमें मेरा एक साथ जख्मी हुआ। भद्रवाह से वह पुलिस सुरक्षा में डोडा आए तो यहां भी रोका गया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी बात रखने से रोका जा रहा है, यह कहां का लोकतंत्र है।