विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने के लिए प्रत्याशियों ने अपने कुल देवी देवताओं से अरदासें और मन्नतें करना भी शुरू कर दिया है। उनकी किस्मत में जीत होगी या हार इसकी जानकारी लेने के लिए प्रत्याशी और उनके परिवार वाले कुंडली लेकर ज्योतिषियों के पास पहुंच रहे हैं।
मंदिरों में भी अरदासें की जा रही हैं और अपनी जीत की मन्नतें मांगी जा रही हैं। इनमें कई बड़े नेता भी शामिल हैं, जो पिछले कई साल से लगातार जीतते आ रहे हैं, लेकिन इस बार संदेह के बीच ज्योतिषियों का सहारा ले रहे हैं।
ज्योतिषि नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि बहुत से प्रत्याशी उनके पास कुंडली लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ प्रत्याशी खुद आ रहे हैं, जबकि कुछ प्रत्याशियों के परिवार वाले पहुंच रहे हैं। पहले यह लोग यह पूछने आ रहे थे कि उनको प्रत्याशी बनाया जाएगा या नहीं। अब पूछने आ रहे हैं कि वे जीतेंगे या नहीं।
उन्होंने कहा कि कुंडली दिखाने वाले प्रत्याशियों में कई ऐसे भी हैं, जो पिछले विधानसभा चुनाव में जीते थे, लेकिन इस बार अपनी जीत को लेकर आशंकित हैं। ऐसे प्रत्याशियों की संख्या भी काफी है, जो पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
कुलदेवी और देवताओं से मांगी जा रहीं मन्नतें
शहर के रघुनाथ मंदिर, रणवीरेश्वर मंदिर, मोहमाया मंदिर आदि में प्रत्याशी और उनके घर वाले अरदासें कर रहे हैं। चुनाव जीतने के लिए विशेष चढ़ावे की भी अरदासें की जा रही है। रणवीरेश्वर मंदिर के महंत ऋषिमण का कहना है जम्मू ईस्ट से कुछ प्रत्याशी जिनको तब टिकट नहीं मिला था, अपनी टिकट की जानकारी लेने आए थे।
इसके बाद अब इनके परिवार वाले भी मंदिर में अरदासें करने आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हर एक प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र के प्राचीन विख्यात मंदिरों में अरदासें और पूजा अर्चना करने के लिए पहुंच रहे हैं।
जीत के टोटके
जीतने के लिए प्रत्याशी और उनके परिवार वालें ज्योतिषियों से टोटके करा रहे हैं। घरों में पूजा और हवन आदि कराया जा रहा है। जीत के उपाय पूछे जा रहे हैं, ताकि जीतने में कोई परेशानी न हो। ज्योतिषी नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि कुछ प्रत्याशी हैं, जो पिछले दो बार के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करते आए हैं, लेकिन इस बार अपनी जीत दर्ज करने के उपाय पूछ रहे हैं।