इस बैठक में नेकां के अलावा कांग्रेस, सीपीआईएम और कुछ निर्दलीय विधायक शामिल हुए। बैठक में विधानसभा सत्र में गठबंधन की रणनीति, विधानसभा स्पीकर के चुनाव और उपराज्यपाल के भाषण पर चर्चा हुई।
नई सरकार के गठन के बाद सोमवार से शुरू हो रहे पांच दिनों के विधानसभा सत्र से पहले सत्ताधारी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने रविवार अपने गठबंधन के सहयोगियों के साथ संयुक्त विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में नेकां के अलावा कांग्रेस, सीपीआईएम और कुछ निर्दलीय विधायक शामिल हुए। बैठक में विधानसभा सत्र में गठबंधन की रणनीति, विधानसभा स्पीकर के चुनाव और उपराज्यपाल के भाषण पर चर्चा हुई।
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संयुक्त विधायक दल की बैठक में नेकां, कांग्रेस व गठबंधन के अन्य सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई और सत्र में इस विषय को गंभीरता से उठाने पर सहमति भी बनाई। बैठक में भाग लेने वाले बनिहाल के नेकां विधायक सज्जाद शहीन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बैठक में लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई और विधानसभा सत्र में इस मुद्दों पर उठाया जाएगा। विधायक अर्जुन सिंह राजु ने कहा कि पहले स्पीकर का चुनाव होगा जिसके बाद आगे की चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि नेकां अपनी एजेंडा को लेकर चल रही है और विधानसभा लोगों के मुद्दों का उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सुरक्षा स्थिति चिंताजनक है। वर्तमान हालात एलजी प्रशासन से नहीं संभल रहे है। ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए की व राज्य का दर्जा बहाल करते ताकि चुनी हुई सरकार के पास कानून व्यवस्था आए और प्रदेश के हालात में सुधार किया जा सके।
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नेकां के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि संयुक्त विधायक दल की बैठक हुई। सोमवार से विधानसभा सत्र हो रहा है इस पर बैठक में चर्चा हुई। सोमवार को पहले स्पीकर का चुनाव होगा इसके बाद एलजी का भाषण होगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि बैठक में विधानसभा सत्र पर चर्चा हुई।विधानसभा सत्र के पहले सत्र को लेकर पीडीपी ने भी अपनी रणनीति बनाई है। पार्टी घाटी में मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर अपनी चिंता जताएंगी।