विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा के बाद भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। क्रास वोटिंग करने वाले जिन छह विधायकों का टिकट काट दिया गया है, उनके बगावती तेवर अपनाने के संकेत मिले हैं।
वे या तो पाला बदल सकते हैं या फिर निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर सकते हैं। जम्मू में तो टिकट वितरण से नाराज कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन तथा हंगामा किया। उधमपुर, कठुआ, राजोरी में पार्टी नेताओं ने विद्रोह का झंडा बुलंद कर दिया है।
कई स्थानों पर पार्टी पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरएसपुरा के विधायक गारू राम भगत पार्टी छोड़ पीडीपी में शामिल हो सकते हैं। रायपुर दोमाना के विधायक भारत भूषण ने साफ शब्दों में कहा कि बाहरी व्यक्ति को टिकट देना क्षेत्र की जनता के साथ नाइंसाफी है।
बसोहली और बनी विधायक ने चुनाव लड़ने का किया ऐलान
हाई कमान के समक्ष कुछ लोगों ने गलत तरीके से चीजों को पेश किया। कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ बैठक कर जल्द रणनीति का ऐलान कर देंगे। उधमपुर में टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे पवन गुप्ता ने टिकट न मिलने से नाराज होकर पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है।
उन्होंने ऐलान किया है कि वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। दावा किया कि रियासी तथा उधमपुर जिले में भी पार्टी के खिलाफ काम करेंगे। कठुआ जिले में सबसे ज्यादा नाराजगी बसोहली और बनी में उभर कर सामने आई है।
बसोहली विधायक जगदीश राज सपोलिया और बनी विधायक मास्टर लाल चंद ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वह निश्चित रूप से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी ने उनके साथ धोखा किया है। क्रॉस वोटिंग के तमाम आरोपों से बरी होने के बावजूद उन्हें टिकट नहीं देना बर्दाश्त से बाहर है।
उधमपुर, कठुआ, राजोरी में कई ने दिया इस्तीफा
राजोरी विधानसभा सीट से नेशनल कांफ्रेंस छोड़ कर हाल में भाजपा में शामिल हुए चौधरी तालिब हुसैन को टिकट देने पर पार्टी के आधा दर्जन पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इसमें पार्टी के जिला इंचार्ज योगेश शर्मा मुख्य रूप से शामिल हैं।
उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा तक कर दी है। छंब विधानसभा सीट से चमनलाल कनाथिया को टिकट नहीं दिए जाने पर स्थानीय नेताओं के सुर बगावती हो गए हैं। उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया है।
विरोध के स्वर शांत हो जाएंगे
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि पार्टी हाई कमान ने विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों पर फैसला लिया है। विरोध के स्वर या बगावत की जहां तक बात है इसे पार्टी जल्द ही सुलझा लेगी। नाराज लोगों को मना लिया जाएगा। भाजपा का पूरा ध्यान रियासत में चुनाव जीतने पर है। मिशन 44 प्लस के लक्ष्य को हासिल करने के काम में पार्टी जुटी हुई है।