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तवी का जल स्तर बढ़ा, लोगों को बचाया

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आफत की बारिश से लोगों में दहशत दिनोंदिन बढ़ रही है। तवी में जलस्तर बढ़ता देख लोगों को पिछले साल सितंबर की बाढ़ याद आने लगी है। वीरवार रात से जारी बारिश शुक्रवार सुबह ग्यारह बजे तक जारी रही। इसके चलते तवी में जल स्तर काफी बढ़ गया।
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शाम पांच बजे तक पानी का स्तर और बढ़ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर एसएचओ परमजीत सिंह तवी किनारे पहुंचे और लोगों को तवी किनारे नहीं जाने की चेतावनी दी। पानी का स्तर बढ़ने पर भी कुछ लोग मछली पकड़ने के लिए तवी पर चले जाते हैं।

उन्हें जल स्तर का अनुमान नहीं होता है तो फंस जाते हैं। पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। तवी के भगवती पुल के नजदीक बच्चे को एयरलिफ्ट कर निकाला गया था। एचएसओ ने लोगों को चेतावनी दी है कि पानी का स्तर कब बढ़ जाता है, इसका पता नहीं चलता।
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लोगों को सावधान रहना होगा। पानी के बहाव को देखने के लिए भगवती नगर चौथे पुल पर भीड़ का हटाने के लिए वहां पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया।

कम नहीं हो रहीं मुसाफिरों की मुसीबतें

खराब मौसम की वजह से नेशनल हाईवे बंद रहने के चलते बस स्टैंड में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी यात्रियों को रुकना पड़ा है। हालात यह हैं कि कोई भी वाहन घाटी की ओर रवाना नहीं किया जा रहा है। लगातार बारिश से यात्रियों की मुश्किलों कम नहीं हो रही हैं। बस स्टैंड में बारिश का पानी प्लेटफार्म तक आ गया। मुसाफिरों को सामान भीगने से बचाने के लिए इधर-उधर रखना पड़ा।

गौरतलब है कि बहुत लोग सर्दियों में पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और मुंबई आदि शहरों में रोजीरोटी के लिए चले जाते हैं। गर्मी शुरू होने पर श्रीनगर में वापसी करते हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से बिगड़े मौसम के मिजाज से ये लोग अभी जम्मू बस स्टैंड में ही फंसे हैं। तीन दिन में बस स्टैंड में फंसने वाले मुसाफिरों की संख्या 600 के करीब पहुंच गई है।

ये मुसाफिर श्रीनगर, बारामुला, कुपवाड़ा आदि जिलों में जाने वाले हैं। जेडीए प्रशासन ने फंसे यात्रियों की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए अपने होटल के हॉल खोल दिए हैं। फंसे लोगों को खाने की व्यवस्था खुद करनी पड़ रही है। बस स्टैंड में ही चूल्हा जलाकर खाना पकाया जा रहा है। बस स्टैंड पुलिस के मुताबिक रास्ता खुलने के बारे में जैसे ही मैसेज आएगा, वाहनों को रवाना कर दिया जाएगा।
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पस्सियां हटाने में जुटी मशीनरी

बुद्धि सेक्टर के सुंगरी क्षेत्र में भारी लैंड स्लाइड होने के बाद सेना की बार्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने मोर्चा संभाल लिया है। बुद्धिल-माहौर-गुल रोड पर खराब मौसम के दौरान कई स्थानों पर पस्सियां गिरने के बाद बीआरओ कर्मी प्रोजेक्ट संपर्क के तहत एक्सक्वेटर्स और डोजर लेकर मार्ग को साफ करने में जुटेंगे।

150 मीटर की ऊंचाई से गिरी पस्सियों ने पूरे मार्ग को ध्वस्त कर दिया है। मार्ग साफ करने के लिए बीआरओ को ब्लास्ट करने पड़े। अभियान दल दिन रात काम में जुटा है। सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता के अनुसार अखनूर, राजोरी, पुंछ क्षेत्र में कई स्थानों पर पस्सियां हटाने के बाद तमाम मुख्य शहरों की ओर जाने वाले मार्गों को वाहनों के लिए दुरुस्त कर लिया गया।

प्रवक्ता के अनुसार पिछले साल सितंबर में आई बाढ़ से सड़क ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था। सेना की ओर से कलाई में 265 मीटर लंबा ‘बाक्स ग्राइडर ब्रिज’ का निर्माण चल रहा है। ब्रिज के तैयार हो जाने पर पुंछ से जुड़ने का मार्ग खुल जाएगा। संपर्क के कर्मी जम्मू संभाग में किसी तरह की आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं।
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