किसान गेहूं की बिजाई को लेकर चिंतित
अरनिया। कृषि विभाग के आरएस पुरा उपमंडल के तहत आते ज्यादातर क्षेत्रों में डीएपी खाद और गेहूं के बीज को लेकर हाहाकार मची हुई है। विभाग की तरफ से समय पर बीज और खाद मुहैया न करने के चलते किसान गेहूं की बिजाई को लेकर चिंतित हो गए हैं। दिल्ली में विस्फोट के बाद बॉर्डर के हालात को देखते हुए किसान गेहूं की बिजाई को लेकर चिंतित हैं।
कृषि विभाग डीएपी खाद की आपूर्ति 25 नवंबर तक करने का आश्वासन दे रहा है और गेहूं का बीज सोमवार तक मुहैया करने का आश्वासन दे रहा है। कृषि विभाग ने अब तक किसानों को किस्तों में बीज मुहैया किया है। अब तक दो बार बीज का आवंटन हो चुका है। बीज समाप्त होने के बाद फिर से मंगवाया जा रहा है। किसानों को समय पर बीज और खाद उपलब्ध करवाने में कृषि विभाग मौजूदा वर्ष में फिसड्डी साबित हुआ है।
खेतों में नमी को सूखते देख किसान यूरिया के साथ ही गेहूं की बिजाई कर रहे हैं। इसके चलते गेहूं में यूरिया उर्वरक का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। गेहूं में यूरिया की अधिक मात्रा जमीन और सेहत के लिए हानिकारक है।
गेहूं की कटाई हुए 20 दिन बीत गए हैं। बीज और खाद उपलब्ध ना होने से गेहूं की बिजाई में देरी हो रही है। कृषि विभाग किसानों को लेकर गंभीर नहीं है। बीज और खाद का स्टॉक ज्यादा मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए।
- किसान सोम लाल, गांव परलाह
मौजूदा वर्ष में कृषि विभाग किसानों को सुविधा देने में विफल हुआ है। पहली बार किसानों को खाद और बीज के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। किसान कृषि विभाग के दफ्तर के चक्कर लगाकर निराश होकर लौट रहा है। कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों को मुद्दे पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
- किसान राम पाल, गांव चक शेरा
कोट
सोमवार तक बीज और खाद क्षेत्र में पहुंच जाएगा। इस समय धान की कटाई चल रही है। जरूरत के हिसाब से बीज मुहैया किया जा रहा है।
- मनोहर लाल शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी