पिछले साल के मुकाबले 20 दिन लेट
अरनिया। आरएस पुरा उप मंडल के कृषि केंद्रों में अब तक गेहूं का बीज नहीं पहुंचा है। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के किसान चिंतित हैं। पिछले साल सितंबर महीने के अंत तक गेहूं का बीज सभी कृषि केंद्रों में उपलब्ध हो गया था। इससे धान की हाइब्रिड फसल की कटाई के बाद किसानों ने समय पर गेहूं की बिजाई कर दी थी।
इस बार धान की हाइब्रिड फसल की कटाई हुए 20 दिन हो चुके हैं परंतु अभी तक किसानों को गेहूं का बीज मुहैया नहीं हो पाया है। इससे किसान बाजार से गेहूं का बीज खरीदने को मजबूर हैं। किसानों के अनुसार कृषि अधिकारियों से निरंतर बीज के बारे में पूछा जा रहा है। कृषि अधिकारी बीज को तत्काल उपलब्ध करने का आश्वासन दे रहे हैं परंतु आश्वासन देते हुए तकरीबन 20 दिन बीत गए हैं। अभी तक बीज कृषि केंद्रों में उपलब्ध नहीं हो पाया है।
किसानों ने कहा कि मौजूदा वर्ष में कृषि केंद्रों में हर फसल का बीज पहुंचने में देरी हुई है। बरसीम का बीज भी समय पर कृषि केंद्रों में नहीं पहुंच पाया। किसानों ने मजबूर होकर बाजार से महंगे दाम पर बरसीम का बीज खरीद कर बिजाई की। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग किसानों को सशक्त और समृद्ध करने की बजाय कमजोर कर रहा है। किसानों ने कहा कि कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों को मुद्दे पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
हाइब्रिड फसल की कटाई किए 20 दिन बीत गए हैं। गेहूं के बीज का इंतजार अभी तक किया जा रहा है। मजबूर होकर बाजार से बीज खरीद कर गेहूं की बिजाई की है। कृषि केंद्र सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। कृषि विभाग समय पर बीज मुहैया नहीं कर पा रहा है।
- किसान ज्योति लाल, गांव बहादुरपुर
कृषि विभाग बासमती फसल की कटाई के हिसाब से कृषि केंद्रों में बीज मुहैया करता है। धान की हाइब्रिड फसल के लिए बीज पहले उपलब्ध करवाना पड़ता है। कृषि विभाग हाइब्रिड और बासमती को एक ही पैमाने में तोल रहा है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
किसान लवली सिंह, गांव आल्हा
कोट
अगले दो दिन में उपमंडल के सभी कृषि केंद्रों में गेहूं का बीज उपलब्ध हो जाएगा। अब तक बासमती की कटाई भी शुरू नहीं हुई है।
अरुण जराल, कृषि अधिकारी आरएस पुरा