अफस्पा पर औपचारिक रूप से भले ही सरकार चुप हो, लेकिन कुछ इलाकों से सेना हटाने का काम शुरू हो गया है। कठुआ जिले के सुदूरवर्ती और अति संवेदनशील इलाकों से सेना हटाने की प्रक्रिया ने ग्रामीणों में खलबली मचा दी है। आतंकी गतिविधियों के लिहाज से अतिसंवेदनशील श्रेणी में आने वाले बनी तहसील के कई इलाकों में सेना हटने से दहशत का माहौल बन गया है।
करीब दो दशक पूर्व आतंकी वारदातों से दहल चुके ऐसे इलाकों में सेना की तैनाती के बाद से हालात नियंत्रण में चल रहे हैं। बहरहाल खुफिया एजेंसियों की नजर में आज भी यह इलाके अतिसंवेदनशील श्रेणी में होने की वजह से कड़ी सुरक्षा की मांग करते हैं।
बनी तहसील के डग्गर और रोलका में आतंकी हमले हो चुके हैं। डग्गर और रोलका सहित कई अन्य इलाके आतंकियों के लिए लगातार कई वर्षों तक शरण स्थली रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बनी के पर्वतीय इलाकों में अफस्पा के तहत सेना की विशेष तैनाती की गई थी।