कश्मीर में एक महीने से चल रही हिंसा के बीच सेना को राष्ट्रीय राजमार्ग-एक की सुरक्षा करने और गांव व शहरों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की गतिविधियों को रोकने के लिए कहा गया है। हालांकि इस संबंध कोई अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।
मगर कहा जा रहा है कि अभी तक राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय पुलिस की मदद करने वाली सीआरपीएफ को हटा दिया गया है और सेना को इस काम के लिए लगाया गया है।
अभी तक अर्धसैनिक बल यह काम करते थे। सूत्रों का कहना है कि सेना को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि गांव देहात के लोग विरोध प्रदर्शन के लिए शहरों की ओर न जा सकें। पिछले एक महीने में देखा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के आस पास रहने वाले लोग सड़क पर इकट्ठा हो जाते हैं और वाहनों की आवाजाही में बाधा पहुंचाते हैं।
सेना को इस तरह की गतिविधयों पर लगाम लगाने के लिए कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि सीआरपीएफ ने राज्य सरकार को सूचना दी थी कि उसे राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कतें आ रही हैं।