हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सेना से मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा ने घाटी के तमाम बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा दिया था । पर इन मुश्किल हालातों में भी सेना नें अपने स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर आंच नहीं आने दी ।
जिस समय पूरी कश्मीर घाटी में सेना पर पत्थर फेंके जा रहे थे उस वक्त भी सेना नें आर्मी स्कूलों में पढ़ने वाले कश्मीरी बच्चों की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया । कश्मीर में लगातार जारी कर्फ्यू और पाबंदियों के बीच भी सेना के द्वारा संचालित होने वाले आर्मी स्कूलों और केंद्रीय विद्यालयों में पठन पाठन का काम जारी रहा ।
सेना के स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा संजना नें अमर उजाला से बातचीत में बताया कि हिंसा के मुश्किल हालातों में भी स्कूल 3-4 दिनों के लिए ही बंद हुआ था । इसके बाद स्कूलों में पढ़ाई लिखाई फिर से शुरू करा दी गई ।