एक ओर सेना जहां कश्मीर में बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने में युद्धस्तर पर जुटी हुई है, वहीं कश्मीर के विभिन्न कैंपों में एक हजार सैनिक व उनका परिवार बिना खाने व पानी के फंसे हुए हैं। सैन्य अधिकारी के अनुसार दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर में कई स्थानों पर उनके जवान अपने परिवारों के साथ फंसे हुए हैं।
जिन्हें तमाम सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा सकी हैं। कश्मीर के कई स्थानों पर पानी और बिजली सप्लाई के अलावा अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सेना दिन-रात जुटी हुई है, ताकि जनता को आवश्यक सुविधाएं मिल सके। सैन्य अधिकारी के अनुसार दक्षिण और मध्य कश्मीर में 20 छोटे व बड़े सैन्य कैंप बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
बदामीबाग सैन्य क्षेत्र से आठ सितंबर को 1400 सैन्य कर्मी और उनके परिवार (इनमें ज्यादातर बच्चे शामिल) को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था। झेलम का पानी बढ़ने से बादामीबाग इलाके में स्थित सैन्य हेडक्वार्टर और अस्पताल बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेना को आम लोगों की सुरक्षा के साथ अपने कैंपों को संभालने में समस्या आ रही है।