सीमा पर घुसपैठ की आशंका के बीच राज्य पुलिस ने बार्डर से शहर को जोड़ने वाले मुख्य रास्तों पर करीब एक दर्जन स्थायी चेक एवं नाका पोस्ट स्थापित कर दी हैं। इनका एक दिन पहले ही आईजी ने निरीक्षण किया।
इन पोस्टों में हर समय पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे जो हर आने जाने वाले पर नजर रखेंगे और घुसपैठ होने के बाद हमला होने पर उन्हें आगे बढ़ने से रोकेंगे। इन नाकों में अरनिया का कठार गांव भी शामिल है। जहां पिछले साल आतंकियों ने हमला किया था।
आरएस पुरा, अरनिया और बिश्नाह में यह पोस्ट स्थापित की गई हैं। जो दो दर्जन से अधिक बार्डर पोस्टों को कवर करेंगे। अरनिया, अब्दुल्लियां, अब्दाल, घराना, सई आदि इलाके बार्डर के हैं, जो सीधे जम्मू की तरफ आते हैं। पुलिस ने बलोल पुल, कोटली मियां फतेह, चोहाला मोड़, दबलैड़, दियोली टिब्बा, कोठी मोड़, हरा पीर, कठार, महमूदपुर में पुलिस पोस्ट स्थापित की हैं।
बार्डर डीएसपी हरजीत सिंह का कहना है कि पिछले दो-तीन साल से इंटरनेशनल बार्डर पर घुसपैठ की आशंकाएं काफी बढ़ गई हैं। बार्डर पर हमलों के प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में पाकिस्तान की तरफ से बार्डर पर सुरंग भी बनाई गई है।
इससे साफ है कि आतंकी बार्डर पर घात लगाकर बैठे हुए हैं और लगातार घुसपैठ के प्रयास कर रहे हैं। पुलिस घुसपैठ को तो नहीं रोक सकती, लेकिन इनको शहर की तरफ नहीं बढ़ने देगी। इन पोस्टों को बनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि कम से कम नुकसान हो। आतंकियों को शहर की तरफ बढ़ने से पहले ही ढेर कर दिया जाएगा।