घाटी के सेब उत्पादकों के लिए अच्छी खबर है। अनिश्चितता में फंसे बागवानों की पैदावार को बाजार तक पहुंचाने व उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार की पहल रंग लाती दिख रही है। राज्य प्रशासन अगले सप्ताह 10 सितंबर को एक योजना शुरू कर सकता है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों राज्य के सात लाख से अधिक सेब उत्पादकों के लिए सरकार ने राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) से संपर्क किया था।
फल उत्पादकों को नुकसान से बचाने के लिए नेफेड से बातचीत की गई है। वह लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश कर कुल उत्पादन का 50 फीसदी खरीदेगा। इसके लिए नेफेड की एक टीम खरीद प्रक्रिया के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए यहां पहुंच चुकी है।
उधर चार सितंबर (बुधवार) को श्रीनगर के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने पारिमपोरा फल मंडी का दौरा किया और वहां से फल बाहर भेजे जाने की तैयारियों का जायजा लिया। डीसी ने कहा, नेफेड के माध्यम से बागवानों को उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा साथ ही उनकी परिवहन संबंधी दिक्कतें भी दूर कराई जाएंगी।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर बागवानी योजना और विपणन बोर्ड से कहा है कि वह नेफेड को ऑफिस के लिए यहां जगह के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराए।
घाटी में होता है 22 लाख टन उत्पादन
घाटी में औसतन 22 लाख टन सेब का सालाना उत्पादन होता है। इससे सात लाख किसान जुड़े हुए हैं।