आतंकी बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में पैदा हुई हिंसा से कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध सेब की छह हजार करोड़ रुपये की मार्केट पर संकट पैदा हो गया है।
कश्मीर में सेब की 7 किस्में पैदा होती है। इनमें एक अगस्त माह में ही तैयार हो जाती है, जबकि अगली दो महीने में तैयार हो जाएगी। इस साल खराब मौसम के कारण कश्मीर की पैदावार भी कम हुई है। ऊपर से अब हिंसा की वजह से सेब उत्पादक अपना सेब कश्मीर से बाहर नहीं भेज पा रहे।
जानकारी के अनुसार कश्मीर के बारामूला, शोपियां, सोपोर, पुलवामा, कुपवाड़ा में मुख्य रूप से सेब की पैदावार होती है। इनमें अंबरी अक्तूबर में, डिलेशियस सितंबर नंबर, अमेरिकन सितंबर अक्तूबर, महाराजी अक्तूबर नंबर, राजकबारी सितंबर और हजरतबली जुलाई अगस्त में तैयार हो जाती है।
सबसे ज्यादा शोपियां के 30 हजार हेक्टेयर पर सेब लगता है। हर साल सेब की विभिन्न किस्मों की 13 से 14 लाख मीट्रिक टन की पैदावार होती है। लेकिन इस साल शोपियां को छोड़कर कश्मीर के सभी क्षेत्रों में मौसम की मार सेब की पैदावार पर पड़ी है।