जम्मू। जम्मू-कश्मीर में विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े कोई भी बिल तब तक स्वीकार नहीं किए जाएंगे जब तक परियोजनाओं से जुड़े फोटोग्राफ अपलोड नहीं होंगे। इस नई पहल से परियोजनाओं की निगरानी तथा समय पर पूरा होने में मदद मिलेगी और इसके व्यापक प्रभाव नजर आएंगे। वीरवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को प्रूफ एप्प (फोटोग्राफिक रिकॉर्ड ऑफ ऑनसाइट फेसिलिटी) लॉंच करते हुए कहा कि इससे व्यवस्था को और पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाया जा सकेगा।
उप राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा कि सभी परियोजनाओं की जियोटैगिंग फोटो अब आम जनता के लिए सुलभ हो सकेगी। यह सब इम्पावरमेंट पोर्टल पर उपलब्ध होगा। इससे आम जनता अपने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की जानकारी हासिल कर सकेगी। साथ ही विकास प्रक्रिया में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित हो सकेगी। इन कार्यों के विषय में फीडबैक भी दे सकेेगी। कहा कि प्रशासन पूरी तरह पारदर्शिता व निष्पक्षता के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही जनता को उसके इलाके की हर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। इन्हीं सब को ध्यान में रखकर यह व्यवस्था की गई है ताकि परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर पूरी हो सकें। एनआईसी की ओर से विकसित इस एप्प पर श्रीनगर सचिवालय के रंगरोगन के काम से जुड़े जियोटैग फोटो अपलोड किए गए।
एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी
मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने कहा कि अब एक क्लिक पर जनता विकास कार्यों के संबंध में सचित्र जानकारी हासिल कर सकेगी। कार्यों की जानकारी के साथ-साथ खर्च, भौगोलिक जानकारी, कार्य किस स्तर तक पूरा हुआ और कब तक काम पूरा होगा, आदि की जानकारी भी आम लोगों को मिल सकेगी।