फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रीनगर: अल्ताफ बुखारी ने जामा मस्जिद में अता की नमाज, बोले- शहर-ए-खास की समृद्ध संस्कृति को संजोएंगे

Mon, 06 May 2024 05:58 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने जामा मस्जिद में नमाज अता की। इस दौरान बुखारी ने श्रीनगर के शहर-ए-खास की विरासत को बहाल करने के लिए अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता दर्शाई।
विज्ञापन
अल्ताफ बुखारी - फोटो : बासित जरगर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी ने सोमवार सुबह श्रीनगर के शहर-ए-खास में रोड शो किया। इसके साथ ही उन्होंने जामा मस्जिद में नमाज अता की। इसे पिछले तीन दशकों से अधिक समय में किसी भी मुख्यधारा के राजनीतिक दल द्वारा पहली बार जीवंत राजनीतिक गतिविधि के तौर पर देखा जा रहा है।

विज्ञापन


श्रीनगर शहर के खानयार में दस्तगीर साहब की दरगाह से शुरू होकर, ख्वाजा बाजार में नक्शबंद साहिब (आरए) दरगाह से होते हुए श्रीनगर के नौहट्टा में ऐतिहासिक जामा मस्जिद तक उन्होंने चुनाव प्रचार किया। अल्ताफ बुखारी ने जामा मस्जिद सजदा किया। बुखारी ने श्रीनगर के शहर-ए-खास की शानदार विरासत को बहाल करने के लिए अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता का वादा किया।

उन्होंने कहा, “यहां, इस ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में, मैं वादा करता हूं कि एक बार जब अपनी पार्टी को सेवा करने के लिए सार्वजनिक जनादेश मिल जाएगा, तो हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शहर-ए-खास सदियों पुरानी समृद्ध संस्कृति और सभ्यता के साथ एक प्राचीन शहर के रूप में अपना दर्जा हासिल करे। हमारा मिशन विविध पारंपरिक शिल्पों का प्रतिनिधित्व करने वाले मास्टर कारीगरों के अभयारण्य के रूप में शहर की प्रतिष्ठा को पुनर्जीवित करना है।'
विज्ञापन


बुखारी ने कहा, 'मैं जानता हूं कि पिछले सात दशकों में इस शहर की उपेक्षा की गई है, जिससे यहां के लोगों को अपर्याप्त आवास, वित्तीय संसाधनों और नौकरी के अवसरों के लिए परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में कोई भी सरकार शहर-ए-खास की आकांक्षाओं और कल्याण को नजरअंदाज न करे।'

अल्ताफ ने कहा कि 'इस आयोजन को राजनीतिक गतिविधि नहीं समझा जाना चाहिए। मैं ऐतिहासिक जामा मस्जिद में सजदा करने आया हूं। यह मस्जिद कयामत के दिन तक यहीं रहेगी। इस पूजनीय स्थान पर, हम जब तक जीवित रहेंगे, सत्य को कायम रखने की प्रतिज्ञा करते हैं।'

एक सवाल का जवाब देते हुए सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने कहा कि 'धार्मिक उपदेशक के रूप में मीरवाइज उमर फारूक का कद जम्मू कश्मीर के किसी भी राजनीतिक नेता से ऊंचा है।'

उन्होंने कहा, 'कश्मीर के मीरवाइज के कद के कारण हर कोई उमर साहब का सम्मान करता है। हमारा सिर्फ मीरवाइज उमर साहब से ही नहीं बल्कि पूरे मीरवाइज परिवार से भावनात्मक लगाव है।' इस परिवार ने दशकों से हमारे समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मीरवाइज उमर ने कभी भी कश्मीर में हिंसा का समर्थन नहीं किया है। दरअसल, वह और उनका परिवार हिंसा का शिकार हुआ है। मुझे यकीन है कि मीरवाइज अपनी पार्टी की सच्चाई और ईमानदारी की राजनीति का समर्थन करते हैं।'

कार्यक्रम के दौरान, अपनी पार्टी के अध्यक्ष के साथ उनके वरिष्ठ पार्टी सहयोगी भी मौजूद रहे, जिनमें पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष और श्रीनगर में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार मोहम्मद अशरफ मीर, वरिष्ठ नेता और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू भी शामिल रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें