प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंजेला मार्केल
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जर्मन चांसलर एंजेला मरकेल की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की गई महिषासुर मर्दिनी (चंडिका माता) की मूर्ति अपनी असली जगह कश्मीर पहुंच गई है। महिषासुर मर्दिनी जिसे कश्मीरी पंडित चंडिका माता कहते हैं, की वापस आई मूर्ति आठवीं सदी की बताई जा रही है।
आठवीं सदी में कश्मीर में महाराजा ललितादित्य का राज था और उसी काल में कश्मीर में सूर्य मंदिर और कई अन्य महत्त्वपूर्ण मंदिर एवं स्मारक बनाए गए थे। इन्हें देखने के लिए आज भी हजारों की संख्या में पर्यटक कश्मीर आते हैं।
मूर्ति अभी कश्मीर के पुरातत्व विभाग के पास है। कश्मीरी पंडित इस मूर्ति को पुरातत्व विभाग से लेकर या तो इसके प्राचीन मंदिर पुलवामा के टेंगपोरा मंदिर में स्थापित करने या फिर फिलहाल इस मूर्ति को ज्येष्ठा देवी मंदिर कमेटी को सौंपने पर जोर दे रहे है। इस संबंध में पीएमओ में केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह से भी कश्मीरी पंडित मिल चुके हैं।