जम्मू के सिंबल मोड़ इलाके में दो लोगों को गिरफ्तार कर जाली नोट छापने के मामले का भंडाफोड़ करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस को शक है कि इनके तार दूसरे राज्यों में सक्रिय गिरोहों से जुड़े हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से गिरोह के अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
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नोटबंदी के बाद जम्मू संभाग में ऐसा पहला मामला सामने आया है। पुलिस पता लगा रही है कि आरोपियों के तार आतंकवादियों से तो नहीं जुड़े हैं। जाली नोट छापने के मामले में दबोचे गए दोनों युवक कसबे की दुकानों में खरीदारी कर नोटों को खपाते थे। हालांकि आशंका है कि कहीं इन नोटों को नशे के कारोबार में तो नहीं खपाया जा रहा था।
मीरां साहिब कसबे समेत आसपास के गांवों में भी राशन आदि खरीदकर जाली नोट चलाते थे। पकड़े गए आरोपियों में सिंबल मोड़ निवासी अमनदीप सिंह और गांव बाला चक निवासी रमेश कुमार उर्फ डाक्टर शामिल हैं। मीरां साहिब पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 489 सी और 489 डी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों से 3.94 लाख रुपये के जाली नोट मिले हैं।
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एसओजी कई दिनों से नजर रख रही थी
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- फोटो : डेमो फोटो
साथ ही नोट छापने वाला प्रिंटर और कागज आदि बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए नोटों में दो हजार और पांच सौ रुपये के नोट शामिल हैं। इनमें से कई नोट सिर्फ एक तरफ से प्रिंट किए गए थे। दूसरी तरफ का हिस्सा खाली था, जिस पर छपाई की जानी थी।
एसओजी की पूछताछ में पता चला कि रमेश वर्तमान में जीवन नगर सतवारी जम्मू में रह रहा था। इसके पहले रमेश रठाना में एक मेडिकल की दुकान में नौकरी करता था। वहां पर दवाइयों की चोरी करने पर पकड़ा गया था। तब से वह जीवन नगर में रहता था।
इसी दौरान अमनदीप और रमेश में दोस्ती हो गई। खुफिया सूचना के बाद एसओजी पिछले कई दिनों से इन पर नजर रख रही थी। सबसे पहले मीरां साहिब पुलिस ने रमेश कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इसके बाद सिंबल मोड़ से अमनदीप सिंह को दबोच लिया।
जल्द अमीर बनने की सनक सवार थी दोनों पर
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- फोटो : डेमो फोटो
नोटबंदी लागू होने के बाद चंडीगढ़ में दो हजार के नकली नोट छापने के मामले में जब एक युवक और युवती को पकड़ा गया, तभी इन दोनों के दिमाग में जाली नोट छापकर अमीर बनने की सनक पैदा हुई।
इसके बाद से ही ये नई करेंसी के दो हजार और पांच सौ रुपये के नकली नोट छापने में लगे थे। अमनदीप ने बारहवीं तक पढ़ाई की, जिसके बाद कंप्यूटर में डिप्लोमा किया। बाद में वह जम्मू में वेयर हाउस स्थित एक दुकान में अकाउंटेंट का काम करने लगा।
नकली नोटों के बाजार में पहुंचने की पुष्टि नहीं : आईजी
आईजी ने दी जानकारी
- फोटो : डेमो फोटो
आईजी डीएस जंवाल का कहना है कि नकली करेंसी के मामले में अभी नोटों के बाजार में पहुंचने की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन उन्होंने माना है कि ऐसे नोटों को कम जागरूकता वाले क्षेत्र ग्रामीण इलाकों में प्रयोग किया जा सकता है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।पत्रकारों को उन्होंने बताया कि इस मामले में कई और लोगों के शामिल होने की आशंका है।
नकली नोट छापने के लिए आरोपियों ने प्रशिक्षण किससे लिया, इस पर भी जांच की जा रही है। नकली करेंसी छापने के मामले में स्थानीय युवाओं के साथ अन्य लोगों की संलिप्तता हो सकती है। कहा कि सीमा पार से पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के साथ अवैध नशे के कारोबार को बढ़ावा देने की कोशिशें कर रहा है, लेकिन आज विश्व स्तर पर पाक की असलियत सामने आ गई है। पिछले छह साल में राज्य से बाहर सेवाएं देकर लौटे जंवाल ने कहा कि उनकी श्रीलंका में पोस्टिंग के दौरान पाक की डेढ़ सौ और डेढ़ टन तक अवैध नशे की खेप पकड़ी जाती रही है।
आज पाक में दुनियाभर की टीमें क्रिकेट खेलने से परहेज कर रही हैं। रामगढ़ सुरंग पर आईजी ने कहा कि पाक जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए लगातार नए हथकंडे अपना रहा है। लेकिन राज्य पुलिस करारा जवाब दे रही है। अफगानिस्तान और पाक नार्दर्न, पाक नार्थ वेस्ट से नशे की खेप को भारत में भेजा जा रहा है। असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में राज्य पुलिस की इलेक्ट्रानिक और फील्ड सर्विलांस काम कर रही हैं।