दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के दत्मुदूर गाँव के रहने वाले मुशर्रफ फ़य्याज़ (10) ने वीरवार तड़के श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (स्किम्स) में दम तोड़ दिया। मुशर्रफ 25 जनवरी को चायगुंड इलाके में हुए एक विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गया था और जिसके बाद वह आईसीयू में भर्ती था।
विस्फोट उस समय हुआ था जब स्थानीय लोग सेना और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद क्षतिग्रस्त एक मकान के मलबे को हटा रहे थे। इसी बीच ग्रेनेड या अन्य कोई विस्फोटक जिंदा था और जैसे ही लोगों ने उसे छुआ वो तेज धमाकों के साथ फट गया।
मुशर्रफ की मौत की खबर जैसे ही स्थानीय लोगों को मिली तो पूरे इलाके में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई। मुर्रन चौक और राजपुरा इलाके में स्थानीय युवा सड़कों पर उतर आये और सुरक्षाबलों पर जमकर पथराव किया। हिंसा को काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े।
मुशर्रफ के जनाज़े में हज़ारों की संख्या में लोग शामिल हुए और स्थानीय लोगों ने इस दौरान आज़ादी के हक़ में नारेबाजी भी की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने वहां मौजूद लोगों को लोगों को टेलीफोन पर संबोधित भी किया।
बता दें कि सेना द्वारा की गई फायरिंग में तीन युवकों के मारे जाने के बाद से शोपियां में तनावपूर्ण हालात पैदा हो गए हैं। उधर, प्रशासन ने शुक्रवार के दिन दोबारा हिंसा नहीं भड़के। इसके लिए कई क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाया है। धारा 144 लगाकर प्रशासन ने भीड़ के जमा होने पर रोक लगा दी है। महत्वपूर्ण सेवाओं बैंक, अस्पताल को इस प्रतिबंध से दूर रखा गया है।