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पुलवामा में सेना का सर्च ऑपरेशन जारी, एक से दो आतंकी छिपे होने की खबर

Sun, 31 May 2020 09:44 PM IST
अवधेश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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भारतीय सेना - फोटो : amar ujala
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पुलवामा में सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों की खोज में एक सर्च ऑपरेशन चलााय जा रहा है। सोमवार शाम को शुरू हुआ यह ऑपरेशन दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के राजपोरा तहसील इलाके में चलाया जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों द्वारा घेराबंदी कर तलाशी अभियान जारी है। सूत्रो ने बताया कि इलाके में आतंवादियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सेना की टीम ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस ऑपरेशन में सेना की बड़ी टुकड़ियों को लगाया गया है। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। 
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बता दें कि इससे पहले दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले के खुड़वानी के वनपोरा इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान एक बार फिर सुरक्षाबलों द्वारा भटके हुए कश्मीरी युवकों को मुख्यधारा की ओर वापस लाने की अंत तक कोशिश की गई। इस ऑपरेशन को सेना की 1 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अंजाम दिया, जहां बार-बार आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया गया।

 

पहले, दोनों आतंकियों के परिवार वालों को बुलाकर उनसे अपील करवाई गई। लेकिन जब आतंकी नहीं माने, तो सुरक्षाबलों द्वारा भी कई बार आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। सैन्य सूत्रों की मानें तो मुठभेड़ से पूर्व आतंकियों को काफी मौका दिया गया। मुठभेड़ के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है।

करीब एक मिनट लंबे वीडियो में एक जवान मकान में छिपे आतंकियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। जवान कहता है कि जिन्होंने भी हथियार उठाया है, वो मारे जा चुके हैं। अभी भी आप लोगों के पास मौका है और आप अभी भी सरेंडर कर सकते हो। अगर सरेंडर करना चाहते हो तो बाहर आ सकते हो। पांच मिनट के अंदर बाहर आ जाओ। आखिरी मौका दिया जाता है।

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि अगर हमें यह पता चलता है कि अंदर कश्मीरी आतंकी हैं, तो हमारी हर बार यह कोशिश रहती है कि उसे समझाया जाए और उसे आत्मसमर्पण का मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि कई युवक रास्ता भटक कर आतंक की राह अपना तो लेते हैं लेकिन बाद में उसे छोड़ना चाहते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि उन्हें वापस मुख्यधारा में लाने के लिए पूरा सहयोग दें।


 
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अधिकारी ने यह भी बताया कि वर्ष 2019 में तब के जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने ऑपरेशन मां की शुरुआत की थी। इसके तहत केवल 2019 में ही 50 से अधिक युवाओं को वापस मुख्यधारा में शामिल करवाने में हमें कामयाबी हाथ लगी थी। अगर इस आंकड़े को देखें तो अब तक करीब 100 से अधिक युवाओं को मुख्यधारा में वापस ला चुके हैं।
 
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