फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए मोदी सरकार 2.0 की पहली साल गिरह जम्मू-कश्मीर के परिप्रेक्ष्य में रही कितनी अहम

Sun, 31 May 2020 04:06 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी - फोटो : social media
विज्ञापन

मोदी सरकार 2.0 की पहली साल गिरह जम्मू-कश्मीर के परिप्रेक्ष्य में अहम है। प्रदेश को केंद्र में रखकर मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के शुरूआती महीनों से लेकर अब तक बड़े फैसले लिए। सात दशक से जम्मू कश्मीर में चली आ रही अनुच्छेद 370 और 35ए की जटिल समस्या को पांच अगस्त 2019 को हमेशा के लिए मोदी सरकार ने खत्म कर दिया।

विज्ञापन


यही नहीं जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत 31 अक्तूबर 2019 से जम्मू कश्मीर राज्य का दर्जा खत्म कर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों के तौर पर अस्तित्व में ला दिया। इससे मोदी सरकार और भाजपा ने पूरे देश में एक संविधान और एक निशान के अपने लक्ष्य को भी पूरा कर लिया।

चार अगस्त 2019 तक जम्मू कश्मीर में मोदी सरकार कोई बड़ा फैसला लेने वाली है, इससे ज्यादा किसी को कुछ पता नहीं था। लेकिन पांच अगस्त को वो हो गया, जिसका मोदी सरकार और भाजपा शुरूआत से ही अपने चुनावी घोषणा पत्रों में वादा करती रही थी।
विज्ञापन


अनुच्छेद 370 व 35ए को मोदी सरकार ने तोड़ दिया। विशेष दर्जा खत्म होने से जम्मू में अब तक चल रहे दो निशान पहला भारतीय झंडा और दूसरे राज्य के तौर पर जम्मू कश्मीर के झंडे की जगह केवल भारतीय तिरंगा झंडा ही जम्मू कश्मीर में मान्य रह गया। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम बनाकर जम्मू कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अस्तित्व में लाया गया।

विज्ञापन

मोदी सरकार ने सपना पूरा कर दिखाया- सांसद जुगल किशोर

सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि अनुच्छेद 370 और 35ए की वजह से जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जे के चलते यहां पर अलगाववाद को हवा मिल रही थी और एक देश में दो संविधान और दो निशान चल रहे थे। मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर में बड़े फैसले लेकर एक निशान, एक संविधान और एक प्रधान का सपना पूरा कर दिखाया।

देश को एक सूत्र में बांधने का किया काम
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना का कहना है कि जम्मू कश्मीर की बात करें तो मोदी सरकार ने साल भर इस प्रदेश में ऐतिहासिक फैसले लेकर पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया हैं। देश की आजादी के बाद भी जम्मू कश्मीर में दो संविधान व दो निशान चलते आ रहे थे। मोदी सरकार ने एक संविधान, एक निशान करके पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें