पिछले साल सितंबर में हुई विनाशकारी बारिश का शिकार सद्दल गांव बना था। पूरा गांव जमींदोज हो गया था। दस महीने बाद बुधवार को इस गांव के मलबे से एक और युवक का शव बरामद हुआ है। प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना मृतक के परिवार को दी।
औपचारिकता पूरी करने के बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया। मलबे से अब तक 36 शवों को खोजा जा चुका है। अभी चार और शव मलबे में दबे हैं, जिनकी तलाश में काम चल रहा है।
सितंबर की प्राकृतिक आपदा में सद्दल में पूरा गांव भूस्खलन का शिकार होने पर मलबे में दब गया था। मलबे में 40 लोग दब गए थे। इनमें से 35 शवों को तीन महीने कड़ी मशक्कत करने के बाद निकाला गया था।
जब बचे हुए पांच शव नहीं मिले तो प्रशासन ने काम को बंद करवा दिया था, लेकिन इनके परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से दोबारा खुदाई का काम शुरू करने के लिए दबाव बनाकर रखा। तीन दिन पहले प्रशासन ने सद्दल में खुदाई का काम फिर से शुरू करवाया।
बुधवार को जेसीबी से खुदाई के दौरान 18 वर्षीय दीप सिंह का शव बरामद हुआ। दीप सिंह करीब दो वर्ष से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए सद्दल में अपनी बहन के घर पर रह रहा था।
दीप सिंह सहित बहन के पूरे परिवार की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। बाकी सब के शव मलबे से मिल गए थे, लेकिन दीप सिंह का शव नहीं मिल रहा था। दीप सिंह के पिता शंभूनाथ ने भी प्रशासन से कई बार खुदाई का काम शुरू करने की मांग की थी। बुधवार को जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो तुरंत मौके पर पहुंच गए।