चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तिथियों की घोषणा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, बतौर मुख्यमंत्री मेरे पहले कार्यकाल का परदा गिर गया। उमर ने लिखा कि यह मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है कि मुझे रियासत के लोगों की सेवा करने का अवसर मिला।
मैंने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी ईमानदारी से काम किया और हमेशा कोशिश की कि लोगों की समस्याओं को हल किया जा सके। अब यह लोगों पर निर्भर है कि वे क्या फैसला करते हैं। उमर ने लिखा कि लोगों का फैसला ही अंतिम है, बाकी सब तो शोर है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि नेशनल कांफ्रेंस चाहती थी कि किसी का राजनीतिक पुनर्वास हो इससे पहले बाढ़ पीड़ितों का पुनर्वास किया जाए। पर चुनाव आयोग की सोच अलग है। उमर ने लिखा कि नेशनल कांफ्रेंस बाढ़ पीड़ितों के दुख दर्द पर राजनीति करने वाली पीडीपी सहित अन्य राजनीतिक दलों को अवाम के सामने बेनकाब करेगी। उमर ने लिखा कि अब चूंकि चुनाव आयोग ने चुनाव कराने की घोषणा कर ही दी है तो हम पूरे जोश के साथ चुनाव लड़ेंगे।