त्रिपुरा में लेनिन के बाद पेरियार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति भंजन के मामले में उनका कहना था मूर्ति तोड़ा जाना ठीक नहीं। भले काम करने वालों के ही पुतले लगाए जाते हैं। देश में अस्थिरता के माहौल संबंधी सवाल पर उन्होंने केंद्र में सत्तासीन सरकार पर निशाना साधा। कहा कि सब सत्ता केनशे में हैं।
केजरीवाल जैसे लोग फायदा न उठा सकें
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उनका प्लेटफार्म प्रयोग कर आगे बढ़ जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि वह खुद भी किसी पक्ष या पार्टी से नहीं जुड़े हैं और न ही किसी और को अब यह इजाजत देंगे।
कहा कि केजरीवाल जैसे लोग अब फायदा न उठा सकें, इसके लिए सौ रुपये का बांड भरवाकर ही लोगों को मूवमेंट से जोड़ा जा रहा है। स्टैंप पेपर पर इस एफिडेविट में लिखा है कि वह भविष्य में किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। केवल जनसेवा करेंगे। बताया कि अब तक पांच हजार लोगों से यह बांड भरवाया जा चुका है।