पुलिस कांस्टेबल पद के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे प्रशिक्षुओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। एसआरओ 202 के तहत इन प्रशिक्षुओं को मात्र 7730 रुपये मासिक वेतन दिए जाने का विरोध जताते हुए उन्होंने पुलिस ट्रेनिंग स्कूल परिसर में जमकर हंगामा काटा। जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के सभी गेट बंद कर उन्हें बाहर आने की अनुमति नहीं दी गई।
बावजूद प्रशिक्षुओं ने परिसर में जमकर नारेबाजी की और बैनर, प्ले कार्ड और टी शर्ट पर स्लोगन लिखकर एसआरओ 202 का विरोध जताया। पुलिस कांस्टेबल प्रशिक्षुओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि कश्मीर के बिगड़े हालात के बीच उन्हें गुमराह किया गया। उन्होंने कहा कि दो साल पहले सरकार ने कश्मीर के युवाओं के लिए कांस्टेबल पद की भर्ती सरकार ने रखी और उस समय कोई भी शर्त संबंधी जानकारी सरकार ने नहीं दी।
चयनित हुए युवाओं का प्रशिक्षण शुरू हुआ तो सरकार ने एसआरओ 202 को अमल में ला दिया जिसके तहत न तो कोई भत्ते दिए जा रहे हैं और न ही वेतन पूरा मिल पा रहा है। प्रशिक्षुओं ने रोष जताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर उनका शोषण है चूंकि अब जब पासिंग आउट परेड के बाद वो कश्मीर के बिगड़े हालात में उतरेंगे तो उनकी जान की कीमत मात्र 7730 रुपये होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि ऐसे हालात में नौकरी कर पाना किसी के लिए भी मुनासिब नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने और एसआरओ 202 को हटाने की मांग की है।