राज्य में ग्रामीण इलाकों में इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलेपमेंट स्कीम (आंगनबाड़ी) योजना के तहत आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर के तौर पर कार्य कर रही महिलाओं को केंद्र द्वारा बनाई गई योजना के मुताबिक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं हेल्पर और आंगनबाड़ी वर्कर के तौर पर कार्य कर रही महिलाओं को मेहनताना भी बहुत कम दिया जाता है और वह भी समय पर भुगतान नहीं होने के चलते इन महिला कार्यकर्ताओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन के इंचार्ज अशोक चौधरी ने बताया कि 36 वर्षों में रियासत की आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर और सेंटर में बिलकुल भी सुधार नहीं हो पाया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा बनायी गई योजना के नियम के मुताबिक केंद्र सरकार से तीन हजार रुपये और राज्य सरकार द्वारा अलग से आंगनबाड़ी वर्कर को मेहनताना, न्यूट्रीशन, टीए-डीए, कैरिज चार्ज दिया जाना चाहिए।