30वें नार्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी युवा महोत्सव उद्घोष के दौरान पच्चीस विश्वविद्यालयों के करीब एक हजार प्रतिभागियों की कला प्रतियोगिताएं देखते ही बन रही हैं। रविवार को इसी क्रम में शाम साढ़े पांच बजे जनरल जोरावर सिंह सभागार में आयोजित फोल्क आर्केस्ट्रा स्पर्धा के दौरान सबसे पहले गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक और प्राचीन लोक वाद्य यंत्रों का वादन कर अपनी कला संस्कृति का परिचय दिया।
मेरा रंगीला पंजाब विषय वस्तु को लेकर सारंगी, घट, नगाड़ा, बांसुरी, ढोल, भूपंग, तुंबा, तुंबी, चिमटे और सप बजाकर लोक धुनों की झंकार प्रस्तुत कर सभागार को झंकृत किया। इसके बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर के विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधानों में मंच पर उतरकर लोक वाद्य यंत्रों की प्राचीन वादन कला प्रस्तुत कर धमाल मचाया, जिसमें हीर-मिर्जा, कली, मैदा और जुगनी लोक धुनों की प्रस्तुति शामिल रही।
ढोल-नगाड़े, बीन, घुंघरू, शंख, बांसुरी, गागर, सप, चिमटे, सारंगी आदि के पारंपरिक वाद्य धुनों के मिश्रण को सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हुए। पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के विद्यार्थियों ने भी इस प्रतियोगिता में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
अपने रंग बिरंगे पारंपरिक पोशाकों में मंच पर उतरे विद्यार्थियों ने जहां अलगोजे, सप, बीन, बंजली, तुंबा-तुंबी, डांडिया, डंडे, डोस, मंजीर, शंख, डमरू, टड, ढोलकी और नगाड़े को बजाकर लोक वादन कला का परिचय और हुनर को प्रस्तुत किया।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र के विद्यार्थियों ने डफली, घटका, ढोल नगाड़ा, तासा, खड़ताल, मंजीरे आदि लोक साजों पर सावन, फाल्गुनी और आल्हा जैसी पारंपरिक धुनों को पेश किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में बाबा गुलाम शाह बादशाह यूनिवर्सिटी राजोरी के उपकुलपति प्रो.आईए हमाल मौजूद रहे।