सुबह छह बजे मतदान होगा शुरू
मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा और उससे पहले मतदान एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल होगा। यदि मतदान केंद्र परिसर में मतदाताओं की कतार शाम छह बजे के बाद भी रही, तो उन सभी को मतदान करने का अवसर मिलेगा।
प्रत्येक मतदान केंद्र पर पीने का पानी, बिजली, शौचालय, रैंप, फर्नीचर, शेड, व्हीलचेयर आदि जैसी सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) प्रदान की जाएंगी। मतपत्र इकाइयों के पास ब्रेल लिपि में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की एक सूची भी होगी। जहां भी आवश्यक हो, वरिष्ठ नागरिकों और विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग कतारें होंगी, ताकि उन्हें हर मतदान केंद्र पर सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए संबंधित बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) द्वारा संचालित एक मतदाता सहायता डेस्क भी होगी।
17 पिंक पोलिंग स्टेशन की कमान संभालेंगीं महिलाएं
17 पिंक पोलिंग स्टेशन होंगे। इन मतदान केंद्रों का प्रबंधन महिलाओं द्वारा किया जाएगा। 15 मतदान केंद्रों का प्रबंधन विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा किया जाएगा और 8 मतदान केंद्रों का प्रबंधन युवाओं द्वारा किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण के बारे में संदेश फैलाने के लिए 15 हरित मतदान केंद्र भी होंगे।
मतदाताओं की सुविधा के लिए और मतदाता अनुपात को बढ़ाने के लिए, सभी मतदाताओं को मतदान केंद्र का नाम, मतदान की तारीख और समय, सूची में मतदाता की क्रम संख्या, उसका पूरा नाम, क्यूआर कोड जैसी जानकारी के साथ मतदाता सूचना पर्चियां प्रदान की गई हैं।
ईपीआईसी समेत 12 दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज पहचान का प्रमाण होगा। संबंधित बीएलओ ने शत-प्रतिशत मतदाता सूचना पर्चियां वितरित कर दी हैं। नागरिक मतदाता हेल्पलाइन ऐप (वीएचए) के माध्यम से मतदान केंद्र, संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का विवरण भी देख सकते हैं और अन्य सेवाओं के अलावा बूथ स्तर के अधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी का संपर्क विवरण भी प्राप्त कर सकते हैं।
अनंतनाग-राजोरी के सभी मतदान केंद्रों पर जिला और सीईओ कार्यालय में स्थापित नियंत्रण कक्षों में लाइव वेबकास्टिंग के लिए सीसीटीवी प्रकार के कैमरे होंगे। कैमरे इस तरह लगाए जाएंगे कि उनसे मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन न हो। कुछ मतदान केंद्र ऐसे हैं जो संचार छाया क्षेत्रों में आते हैं। संचार छाया क्षेत्रों में सैटेलाइट फोन, वायरलेस सेट और विशेष रनर आदि उपलब्ध कराकर उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अनंतनाग-राजोरी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक प्रचार चुनाव से 48 घंटे पहले 23 मई की शाम 6 बजे समाप्त हो गया।
विस्थापितों के लिए बने हैं 26 विशेष मतदान केंद्र
कश्मीर संभाग के प्रवासी मतदाताओं के लिए विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। जम्मू में 21, दिल्ली में 4 और उधमपुर जिले में 1 मतदान केंद्रों के साथ कुल 26 विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। विशेष मतदान केंद्रवार निकाली गई मतदाता सूची बीएलओ के पास उपलब्ध है।