चार्जशीट में घटना के दौरान कैप्टन की टीम में शामिल रहे चार सैन्य कर्मियों सूबेदार गारू राम, लांस नायक रवि कुमार, सिपाही अश्विनी कुमार व योगेश के भी बयान हैं। इन चारों के बयान के अनुसार दो नागरिकों के साथ वे आर्मी कैंप से निकले।
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद उन्हें चारों ओर से घेराबंदी करने को कहा गया। गाड़ी से उतरने के बाद वे पैदल ही घटनास्थल की ओर बढ़ रहे थे तो उन्होंने फायरिंग की आवाज सुनी। यह आवाज घेराबंदी करने से पहले ही सुनी गई।
बयान में कहा गया है कि कैप्टन ने उन्हें बताया कि छिपे हुए आतंकी मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे, इस वजह से उन्हें फायरिंग करनी पड़ी। चार्जशीट में कहा गया है कि कैप्टन तथा दो नागरिकों ने मौके पर मौजूद अपराध के सबूत नष्ट किए। साथ ही उन्होंने इनाम की 20 लाख की राशि हड़पने के लिए गलत सूचना दी।