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अमशीपोरा मुठभेड़: कैप्टन ने इनाम की 20 लाख की राशि हड़पने के लिए रची साजिश

Mon, 11 Jan 2021 03:19 PM IST
प्रशांत कुमार एजेंसी, श्रीनगर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के अमशीपोरा में गत वर्ष जुलाई महीने में हुई मुठभेड़ में तीन युवकों के मारे जाने के मामले में पुलिस चार्जशीट में नया खुलासा हुआ है। यह पता चला है कि मुठभेड़ में शामिल सेना के 62 राष्ट्रीय राइफल्स के कैप्टन भूपिंदर सिंह ने दो नागरिकों के साथ मिलकर इनाम की 20 लाख की राशि को हड़पने के लिए साजिश रची थी। सूत्रों ने बताया कि भूपिंदर इन दिनों सेना की हिरासत में है। वे कोर्ट मार्शल का सामना कर सकते हैं।

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अमशीपोरा में 18 जुलाई को मुठभेड़ में राजोरी जिले के तीन युवक इम्तियाज अहमद, अबरार अहमद व मोहम्मद इबरार मारे गए थे। इन्हें आतंकवादी बताया गया था। सीजेएम अदालत में दाखिल चार्जशीट में दो नागरिकों ताबिश नजीर व बिलाल अहमद लोन को भी आरोपी बनाया गया है। लोन ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना अपराध कबूल कर लिया।

पुलिस एसआईटी की ओर से दाखिल चार्जशीट में 75 गवाहों को शामिल किया गया है। साथ ही आरोपियों के कॉल डिटेल भी तकनीकी सबूत के रूप में पेश किए गए हैं। सोशल मीडिया पर मारे गए युवकों के आतंकी न होने संबंधी खबरें वायरल होने के बाद सेना ने जांच के आदेश दिए जो सितंबर में पूरी हुई।
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इसमें पाया गया कि जवानों ने अफस्पा के तहत मिले अधिकारों का अधिक उपयोग किया। अक्तूबर में डीएनए रिपोर्ट से मिलान के बाद युवकों के शव उनके परिवार वालों को सौंप दिए गए। श्रीनगर में 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा था कि सबूत एकत्र करने का काम पूरा कर लिया गया है। सेना कानून के तहत अगली कार्रवाई करेगी। सूत्रों ने बताया कि कैप्टन भूपिंदर अफस्पा में मिली शक्तियों का अधिक उपयोग करने तथा सेना प्रमुख के क्या करें और क्या न करें का पालन न करने के कारण कोर्ट मार्शल का सामना कर सकते हैं।

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घेरेबंदी से पहले ही फायरिंग की आवाज सुनी

चार्जशीट में घटना के दौरान कैप्टन की टीम में शामिल रहे चार सैन्य कर्मियों सूबेदार गारू राम, लांस नायक रवि कुमार, सिपाही अश्विनी कुमार व योगेश के भी बयान हैं। इन चारों के बयान के अनुसार दो नागरिकों के साथ वे आर्मी कैंप से निकले।

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद उन्हें चारों ओर से घेराबंदी करने को कहा गया। गाड़ी से उतरने के बाद वे पैदल ही घटनास्थल की ओर बढ़ रहे थे तो उन्होंने फायरिंग की आवाज सुनी। यह आवाज घेराबंदी करने से पहले ही सुनी गई।

बयान में कहा गया है कि कैप्टन ने उन्हें बताया कि छिपे हुए आतंकी मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे, इस वजह से उन्हें फायरिंग करनी पड़ी। चार्जशीट में कहा गया है कि कैप्टन तथा दो नागरिकों ने मौके पर मौजूद अपराध के सबूत नष्ट किए। साथ ही उन्होंने इनाम की 20 लाख की राशि हड़पने के लिए गलत सूचना दी।
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