मेरे पति दिलेर सिंह भाऊ कारगिल की लड़ाई में शहीद हुए। इसके बाद उन्होंने सोच रखा था कि उन्होंने देश की सेवा की और मैं समाज की सेवा करूंगी। इन चुनावों के जरिये मुझे काफी बेहतरीन मौका मिला कि मैं अपनी इस इच्छा को पूरा कर सकूं। लोगों के लिए कुछ समाजसेवा का काम कर सकूं। हमारे गांव में पानी, बिजली, सड़क की बेहद दिक्कत है जिसके लिए काम तो करना ही है पर मैं चाहती हूं कि मुख्यतौर पर गांव की लड़कियों की शिक्षा के लिए काम करूं। गांव में लड़कियों को पढ़ाने की जगह जल्द ही उनकी शादी कर दी जाती है जो उनके साथ नाइंसाफी है। इस पर काम करना है। -शारदा भाऊ, डीडीसी अखनूर
योजनाओं को घर-घर पहुंचाएंगे
यह बेहद खुशी की बात है कि देश में और खासतौर पर जम्मू-कश्मीर में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिल रहा है जो दिखाई भी दे रहा है। अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम इस मौके को अच्छा काम करने में इस्तेमाल करते हैं या फिर सियासत खेलते हैं। हर महिला प्रतिनिधि को ईमानदारी के साथ काम करना होगा तभी लोगों की उम्मीदों पर खरा उतर पाएंगे। मेरी कोशिश रहेगी कि केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को हर घर, हर व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके ताकि उन्हें लाभ मिले। सड़क, नालियों तथा अन्य समस्याओं का भी निदान कराना प्राथमिकता होगी। -शिल्पा दुबे, डीडीसी विजयपुर बी, सांबा
मुझे लोगों की सेवा का अवसर मिला, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। लोगों ने कई उम्मीदों के दम पर मुझे इस काबिल समझा। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि उनकी हर उम्मीद को पूरा कर सकूं। युवाओं और बच्चों को खेल का बेहतरीन माहौल देने के लिए मेरी कोशिश रहेगी कि क्षेत्र में जल्द से जल्द प्लेग्राउंड की सुविधा उन्हें उपलब्ध करवाई जा सके। ताकि उन्हें खेलने के लिए सड़कों पर न जाना पड़े। इसके अलावा लोगों की अन्य परेशानियों को भी खत्म करने की पूरी कोशिश की जाएगी। -विद्या देवी, डीडीसी मीरां साहेब
सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कें-पुल जरूरी
बॉर्डर इलाका होने के नाते हमारे क्षेत्र में बहुत सी परेशानियां हैं जिसमें सबसे बड़ी परेशानी है पुल और सड़कें। सही से पुल और सड़कें नहीं होने की वजह से लोगों को पानी में से निकलकर जाना पड़ता है। खासतौर पर बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानियां झेलनी पड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बडे़-बुजुर्गों हर किसी को इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में किसानों के भी बहुत से मसले और परेशानियां हैं जिन्हें खत्म करने की पूरी कोशिश रहेगी। लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश होगी। -सुरेखा देवी, डीडीसी अरनिया
क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शिक्षा अभी भी बच्चों को नहीं मिल पाती है। वहीं दूरदराज़ इलाकों में पीने का पानी लोगों की चिंता का अहम कारण है। ज्यादा सर्दियों के मौसम में कई-कई दिनों तक बिजली नहीं आने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को झेलनी पड़ती है। मेरी कोशिश रहेगी कि इन कुछ अहम मुद्दों को उठाया जा सके और इन पर काम किया जा सके। ताकि लोगों द्वारा लगाई गई उम्मीदों को पूरा किया जा सके और क्षेत्र को बेहतरीन किया जा सके। -मिन्हा लतीफ, डीडीसी काकापोरा, पुलवामा
लोगों के दरवाजे तक विकास लाना है। तवी नदी में बाढ़ के दौरान ग्रामीणों को होने वाली समस्याओं के निराकरण का प्रयास होगा। सबसे ज्यादा काम शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में करने का है। हर पंचायत में इन दोनों मुद्दों को लेकर बढ़ चढ़कर काम कराने की कोशिश होगी। महिला सशक्तिकरण के साथ ही बालिकाओं की शिक्षा की दिशा में भी प्रयास होगा। लोगों तथा क्षेत्र की सेवा का मौका मिला है। लोगों की भरोसा पर खरा उतरने की कोशिश होगी। इसे हर सुविधाओं से लैस क्षेत्र बनाने का प्रयास होगा। -गीतू औलख, डीडीसी फ्लाय मंडाल
इलाके में सभी रुके हुए विकास कार्यों को पूरा कराएंगे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं प्राथमिकता होंगी। कोशिश होगी कि इलाके के सभी गांवों में सड़क कनेक्टिविटी हो। किसी को भी पैदल रास्ता तय न करना पड़े। इसके साथ ही बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सके ताकि यहां के बच्चों को दूरदराज न जाना पड़े। सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई हो। जनता की सेवा होगी और उन्हें शिकायत का मौका न देने की कोशिश होगी। प्रयास होगा कि डंसाल को मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए।-शमीम बेगम, डीडीसी डंसाल, जम्मू