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बाढ़ में डूबीं सेना की राइफलें, हथगोलों का पता नहीं

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों, घुसपैठियों और अलगाववादियों से लोहा लेने वाले सुरक्षा बलों को अब एक और मुश्किल मोर्चे पर जूझना पड़ रहा है। राज्य में आई बाढ़ उनकी राइफलें और गोला-बारूदों को बहा ले गईं है।
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कई हथियार खराब हो गए हैं। बाढ़ के पानी में सैकड़ों एके राइफलें, इन्सास और एसएलआर राइफलें डूब गईं हैं। बम, हथगोले और ऐसे ही कई सैनिक साजो-सामान का भी यही हाल है।

कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि सेना के एक शिविर से 26 एके राइफलें गायब हो गईं हैं। उनका कहीं अतापता नहीं है।
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400 सैनिकों को तुरंत भागना पड़ा था

बाढ़ से बुरी तरह पीड़ित श्रीनगर के गोगजी बाग इलाके के सैन्य शिविर में रविवार की रात पानी घुस आया। इससे वहां मौजूद 400 सैनिकों को तुरंत बाहर भागना पड़ा।

सुरक्षा बलों के कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राइफलें तो ऑयलिंग और सर्विसिंग के बाद काम में लाई जा सकती हैं। उनकी गोलियों का भी दोबारा इस्तेमाल हो सकता है।

लेकिन, बम और हथगोले किसी काम नहीं आएंगे। घाटी के दूसरे इलाकों के सैन्य शिविरों का भी यही हाल है।
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फिर भी समर्पण के साथ राहत अभ‌ियान में लगी सेना

इन दिक्कतों के बावजूद सेना पूरे समर्पण और साहस के साथ राहत अभियान में लगी है। 103 इंजीनियर्स रेजिमेंट के सूबेदार एसपी सिंह का कहना है बाढ़ से घिरे इलाके के लोगों की मदद करने का काम चार बजे सुबह से ही शुरू हो जाता है और आधी रात को रुकता है। सेना की पहली प्राथमिकता बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बचाना है।
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