भाजपा-पीडीपी के बीच गठबंधन सरकार बनाने में रोड़ा बने अनुच्छेद 370 और अफस्पा कानून हटाने पर राष्ट्रीय हित में फैसला लेने की बात कह कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गेंद भाजपा हाईकमान के पाले में डाल दी है।
वैचारिक मुद्दों को दरकिनार कर पीडीपी के साथ गठबंधन के मामले पर संघ ने नसीहतों के साथ निर्णय का फैसला भाजपा आलाकमान पर छोड़ दिया है। संघ का मानना है कि भाजपा को राष्ट्र की राजनीति करनी है, जबकि पीडीपी की राजनीति पूरे जम्मू-कश्मीर की भी न होकर महज घाटी तक सीमित है।
वीरवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने झंडेवाला स्थित संघ कार्यालय ‘केशव कुंज’ पहुंच संघ में दूसरे नंबर के नेता सुरेश भैयाजी जोशी से अलग से भेंट की। इस दौरान संघ के सह सरकार्यवाह दतात्रेय होसबोले, सुरेश सोनी और क़ृष्ण गोपाल भी उपस्थिति थे। शाह भाजपा के साथ समन्वय का काम देख रहे कृष्ण गोपाल से अलग से भी मिले।
इस दौरान उन्होंने संघ नेताओं से जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में आए खंडित जनादेश के बाद पीडीपी से साथ सरकार गठन को लेकर चल रही बातचीत पर विस्तार से चर्चा की। बताया जा रहा है कि इसमें अफस्पा और अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों पर भी शाह ने अपना पक्ष रखा।