केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर सरकार को विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार और अन्य धांधलियों से निपटने के निर्देश दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विकास और समृद्धि का लाभ राज्य के सबसे गरीब लोगों तक पहुंचे। राज्य के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने गृह मंत्री अमित शाह के घाटी के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन वीरवार कोे संवाददाताओं से कहा, केंद्रीय गृह मंत्री का ध्यान मुख्य रूप से यह सुनिश्चित करने पर था कि विकास और वृद्धि का लाभ गरीबों तक पहुंचे।
शाह ने राज्य सरकार को विकास योजनाओं के बेहतर और अधिक कुशल कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा ताकि भ्रष्टाचार और अन्य धांधलियों को दूर किया जा सके, और नागरिकों को अपेक्षित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यक्रमों की समीक्षा आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। सुब्रमण्यम ने बताया, समीक्षा में जम्मू कश्मीर के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार, उन्हें रोजगार और आजीविका के अवसर प्रदान करने, उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रदान करने और उनकी आय बढ़ाने के साथ जुड़े मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर किया गया।
गृह मंत्री ने राज्य सरकार को प्रदेश में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। शाह ने कहा, राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो हकदार हैं उनके पास वृद्धावस्था, विकलांगता और विधवा पेंशन समयबद्ध तरीके से पहुंचे। लोगों को सभी योग्य व्यक्तियों की जांच तत्परता से करनी चाहिए। जिन्हें इस सूची में स्थान नहीं मिला है उन्हें भी शामिल करें। गृह मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इसके लिए अतिरिक्त धनराशि सुनिश्चित करेगी।
डेयरी और पशुपालन क्षेत्र का दोहन करें
मुख्य सचिव ने बताया कि गृह मंत्री ने राज्य सरकार को अमूल या मदर डेयरी जैसे लोकप्रिय डेयरी ब्रांडों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने की दिशा में काम करके राज्य में डेयरी और पशुपालन क्षेत्र की क्षमता का दोहन करने का निर्देश दिया और कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए एक कार्यक्रम बनाया जाए जिससे राज्य इस क्षेत्र में सरप्लस बन जाए।
अमित शाह और सत्यपाल मलिक (फाइल फोटो)
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पोल्ट्री क्षेत्र की संभावनाओं का पता लगाएं
शाह ने राज्य के अधिकारियों से पोल्ट्री क्षेत्र में संभावनाओं का पता लगाने का भी आग्रह किया। उनका मानना है कि राज्य बड़ी मात्रा में पोल्ट्री उत्पादों का आयात कर रहा है और संभावना है कि इस क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, राज्य को पोल्ट्री क्षेत्र में सुधार के लिए योजनाएं बनानी चाहिए क्योंकि यह क्षेत्र सबसे गरीब लोगों की आजीविका में सुधार करता है। केंद्र सरकार इस दिशा में प्रयासों का समर्थन करेगी।
हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट से रोजगार बढ़ेगा
शाह ने यह भी कहा कि हैंडलूम और हैंडीक्त्रसफ्ट क्षेत्र जम्मू कश्मीर के आर्थिक परिदृश्य के सबसे शानदार क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा, राज्य को इस क्षेत्र में सुधार के लिए केद्र सरकार के खादी और ग्रामोद्योग, एमएसएमई और कपड़ा विभागों की मदद लेनी चाहिए। इस क्षेत्र की वृद्धि से गरीब घरों की आजीविका और रोजगार बढ़ेगा।
सरपंच सरकार की तीसरी पीढ़ी
अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने सरपंचों के प्रतिनिधि मण्डल से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नव स्थापित पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय प्रणाली गहरी जड़ें जमा ले और सरकार के तीसरे स्तर के रूप में स्थापित हो। शाह ने कहा, पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को दिए गए धन को खर्च करने के लिए यह सुनिश्चित करने के लिए एक अभियान शुरू होना चाहिए। ये धन हजारों करोड़ों में है और उनका उचित उपयोग सुनिश्चित करने से लोगों को लाभ होगा।
महिला विकास योजनाओं पर केंद्रित करें
उन्होंने राज्य सरकार को महिला विकास के लिए योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। शाह ने कहा, किसी भी विकास प्रक्रिया की कुंजी महिलाएं हैं और महिलाओं को सभी कार्यक्रमों का केंद्र होना चाहिए। राज्य को इस दिशा में काम करना चाहिए ताकि महिलाओं को बेहतर रोजगार के अवसर और आजीविका मिल सके। शाह ने कहा वह विभिन्न योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करेंगे।