उत्तरी कश्मीर के बारामूला में अपने तीन दिवसीय दौरे के तीसरे दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। जनसभा के दौरान उन्होंने तीन परिवार यानी अब्दुल्ला, मुफ्ती और गांधी परिवार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 साल तक मुफ्ती एंड कंपनी और अब्दुल्ला एंड सन्स ने शासन किया। एक लाख लोगों के पास बर्फीली हवा में भी रहने के लिए पक्का घर तक नहीं था। पीएम मोदी ने 2014 से 2022 तक एक लाख लोगों को घर देने का काम किया है। 1947 से 2014 तक सिर्फ चार मेडिकल कॉलेज बने और 2014 से 2022 तक 9 कॉलेज बनाए गए हैं। तीन परिवारों के शासन में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो को घुसने नहीं दिया।
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अमित शाह ने कहा कि महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर के युवाओं के हाथ में पत्थर और बंदूक पकड़ाने का काम किया है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडस्ट्री लाकर युवाओं के हाथ में मोबाइल और नेटवर्क पकड़ाया है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में सबसे पहला काम गांव तक जम्हूरियत को पहुंचाने का किया है। पहले कश्मीर में जम्हूरियत की व्याख्या थी- तीन परिवार, 87 विधायक और 6 सांसद। और अब जम्मू-कश्मीर में 30 हजार से ज्यादा लोग पंचायत, तहसील पंचायत का नेतृत्व कर रहे हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि उमर अब्दुल्ला लोगों को भड़का रहे हैं कि गुज्जर-बकरवाल का आरक्षण छीना जाएगा, लेकिन उनका कहना है कि ऐसा नहीं होगा। शाह ने कहा, 'पहाड़ियों को भी मिलेगा और गुज्जर-बकरवाल का हक भी नहीं छिना जाएगा।' उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाया और इसके बाद दलित, पिछड़ा समुदाय आरक्षण मिलने लगा है।
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