भारी बारिश के कारण चिनाब घाटी के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। डोडा जिले में बाढ़ के पानी और मलबे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-244 को प्रेमनगर के पास बंद करना पड़ा, जिससे दोनों ओर कई वाहन फंस गए। प्रशासन की टीमें सड़क को बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं।
हाईवे बंद होने का असर वार्षिक मचैल यात्रा पर भी पड़ा है। अधिकारियों ने यात्रियों और आम लोगों को मार्ग सुरक्षित घोषित होने तक इस रास्ते से यात्रा नहीं करने की सलाह दी है।
वहीं, किश्तवाड़ जिले में 540 मेगावाट के क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट को भी बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। टेलरेस टनल (टीआरटी) क्षेत्र में पानी और कीचड़ का तेज बहाव आने से कई वाहन मलबे में दब गए और परियोजना के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
अधिकारियों ने राहत और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आकलन किया जा रहा है और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
इससे पहले चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद रामबन जिले में स्थित बगलिहार बांध के तीन गेट खोले गए थे। प्रशासन लगातार मौसम और नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और लोगों से बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की अपील की गई है।