उन्होंने कहा कि करीब छह महीने से जम्मू कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित कई नेता नजरबंद हैं और कई जेलों में बंद हैं। किस्मत से पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद दिल्ली में हैं नहीं तो वह वह भी नजरबंद होते।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह सभी नजरबंद नेताओं को तत्काल रिहा करें। उन्होंने इस अवसर पर पद्म भूषण सम्मान को केवल उनका नहीं पूरे जम्मू कश्मीर के लोगों का सम्मान बताते हुए कहा कि उन्हें आशा है कि आगामी वर्षों में जम्मू कश्मीर के ओर ज्यादा लोगों को इस तरह के प्रतिष्ठित अवार्ड मिलेंगे।