रियासत में बढ़ते सड़क हादसों और आतंकी वारदातों में गंभीर रूप से घायलों को एडवांस लाइफ स्पोर्ट केयर (एएलएस (क्रिटिकल केयर) एंबुलेंस की सुविधा मिलना अभी सपना बना हुआ है। रियासत के सभी 22 जिलों में इन एंबुलेंस की कमी को सालों से पूरा नहीं किया जा सका है।
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टेंडरिंग प्रक्रिया और अन्य दूसरी लेतलतीफी से एंबुलेंस का मामला लगातार लटकता रहा है। रियासत में आचार संहिता लागू होने के कारण अब दोबारा ईटेंडरिंग की अनुमति के लिए एंबुलेंस का मामला मुख्य चुनाव अधिकारी के पास भेजा जा रहा है।
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार ताजा ईटेंडरिंग में सिर्फ दो ही टेंडर आने से यह प्रक्रिया नहीं हो पाई। जिसे चुनाव आयोग की अनुमति लेकर दोबारा किया जा रहा है।
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रेट कांट्रैक्ट पर अंतिम राय नहीं बन सकी
इस प्रोजेक्ट में राज्य के सभी 22 जिलों के अलावा स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू और श्रीनगर में एक-एक अतिरिक्त एंबुलेंस रहेगी। वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए विशेष तौर पर कटड़ा में एक एंबुलेंस लगाई जानी है।
इस प्रोजेक्ट के लिए एनआरएचएम के तहत पांच करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई है। एएलएस एंबुलेंस के लिए चार साल पहले कवायद शुरू की गई थी। इसमें पांच बार टेंडर जारी किए गए।
लेकिन विवादों और शिकायतों के बाद प्रशासनिक विभाग की ओर से रेट कांट्रैक्ट पर अंतिम राय नहीं बन सकी। इस बीच यह मामला कोर्ट में भी रहा।
इसके बाद स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू की सिफारिश पर गवर्नमेंट आर्डर नंबर 423-एचएमई,2014,17-7-2014 को एक तकनीकी कमेटी का गठन किया गया।
मामले में 1-8-2014 को कमेटी की पहली बैठक में एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिशों को इस प्रोजेक्ट पर लागू करने पर सहमति बनी। लेकिन पूर्व के ईटेंडर में सिर्फ दो ही टेंडर दिए गए। जबकि नियमों में तीन टेंडर होना जरूरी है।
जम्मू संभाग में डोडा, जम्मू, कठुआ, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी, रामबन, रियासी, सांबा, उधमपुर, स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू, कटड़ा और कश्मीर संभाग में अनंतनाग, बडगाम, बांडीपुरा, बारामुला, कारगिल, गांदरबल, कुलगाम, कुपवाड़ा, लेह, पुलवामा, शोपियां, श्रीनगर और स्वास्थ्य निदेशालय कश्मीर में यह एंबुलेंस दौड़ेंगी। प्रति एक एंबुलेंस पर 20-25 लाख रुपये लागत आएगी।