केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसके तहत शेषनाग से पंजतरणी तक 10.8 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इससे भविष्य में पहलगाम से बाबा अमरनाथ के दर्शन की यात्रा की अवधि तीन दिन से घटकर मात्र नौ घंटे रह जाएगी। यह घोषणा केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने की। वह सड़क परिवहन तथा हाईवे की संसदीय सलाहकार समिति की दूसरी बैठक में शामिल होने आए हैं।
श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रियों की सुविधा के लिए 5300 करोड़ की लागत अनंतनाग में खन्नाबल से पंजतरणी 110 किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा। खन्नाबल से चंदनबाड़ी बीच 73 किलोमीटर सड़क निर्माण डीपीआर जुलाई में तैयार हो जाएगा।
चंदनबाड़ी से बालटाल तक वाया पंजतरणी के बीच 37 किमी सड़क के लिए डीपीआर अक्तूबर तक तैयार होगा। इस पर 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गडकरी ने कहा कि मुगल रोड पर पीर की गली में सुरंग का निर्माण होगा जिससे जम्मू संभाग का पुंछ व कश्मीर के शोपियां जिले साल भर आपस में जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू- कश्मीर में बन रहे टनल से यात्रा समय काफी कम हो जाएगा। जम्मू-श्रीनगर
हाईवे पर टनल बनने से अब सफर साढ़े पांच घंटे का रह गया है, लेकिन पांच टनल का निर्माण पूरा होते ही दो घंटे की और कमी आ जाएगी। श्रीनगर रिंग रोड, पुलवामा के गालांदर से गांदरबल तक बनाया जा रहा है। 4660 करोड़ की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट से न केवल जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि प्रदूषण भी कम होगा।
गडकरी आज पीरा- -कुन्फर चंद्रकोट सुरंग का करेंगे उद्घाटन
केंद्रीय सड़क और परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी फोर लेन परियोजना के चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को रामबन जिले का दौरा करेंगे। इस दौरान हाईवे के उधमपुर-रामबन खंड पर 924 मीटर लंबी ट्यूब (टी 1), पीरा कुन्फर सुरंग का उद्घाटन भी करेंगे। गडकरी श्रीनगर- बनिहाल खंड, काजीगुंड- बनिहाल सुरंग और बाईपास का भी निरीक्षण करेंगे।
मुगल रोड पर 69 हिमस्खलन वाले क्षेत्रों में बनेगी स्नो गैलरी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मुगल रोड को ऑल वेदर बनाने के लिए 6842 करोड़ की । परियोजना है। पुंछ से शोपियां तक 60 किमी सड़क 1900 करोड़ से बनाई जाएगी। पीर की गली में 5000 करोड़ की लागत से बनने वाली सुरंग का डीपीआर अक्तूबर में तैयार हो जाएगा। इस रोड पर 69 जगह हिमस्खलन का खतरा रहता है। इस क्षेत्र में स्नो गैलरी बनाई जाएगी।