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अमरनाथ यात्रा तीसरे दिन भी रोकी गई, 30 हजार यात्रियों को सुरक्षाबलों ने निकाला

Mon, 11 Jul 2016 02:19 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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अमरनाथ यात्रा
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अमरनाथ यात्रा तीसरे दिन भी बंद है। हिंसा भड़कने से पहले ही बेस कैंपों में पहुंच चुके 8611 श्रद्घालुओं ने रविवार को बाबा बर्फानी के दर्शन किए। कश्मीर घाटी में कई दिनों से हिंसा के चलते फंसे 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षाबलों ने सुरक्षित निकला लिया है।
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सुरक्षाबल इन फंसे हुए यात्रियों को 1700 बसों द्वारा वापस जम्मू भेज रही है। वापस लौट रही बसों को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। घाटी में भड़की हिंसा के कारण रविवार से कोई जत्था नहीं गया है।

सैकड़ों यात्री बिना दर्शन किए ही लौट गए हैं। लखनपुर से लेकर रामबन तक जगह-जगह भोले के भक्त फंसे हैं। अब तक दर्शन करने वाले भक्तों का आंकड़ा 1,27,358 तक पहुंच गया है। राज्यपाल तथा अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एनएन वोहरा सोमवार को मुख्य सचिव, डीजीपी तथा गृह सचिव के साथ बैठक कर यात्रा की सुरक्षा तथा अन्य पहलुओं पर चर्चा करेंगे। श्राइन बोर्ड के सीईओ पीके त्रिपाठी के अनुसार पुलिस तथा यात्रा निदेशक से लगातार संपर्क कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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आधार शिविरों में होने लगा राशन का टोटा

- फोटो : Amar Ujala
कश्मीर में बने हालात के चलते जम्मू में भगवती नगर स्थित आधार शिविर में भी यात्रियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। शनिवार सुबह तक यहां 1233 यात्री ठहरे हुए थे। शाम को 280 यात्री लौट गए और रात को केवल 953 यात्री ही रह गए थे। बांके बिहारी मंदिर और रविदास मंदिर में लगभग 500 यात्री ठहरे हुए हैं। 

उधमपुर में 975 भोले भक्त फंसे हुए हैं। छोटे-बड़े कुल 78 वाहनों में सवार इन यात्रियों को टिकरी, मांड, नेशनल हाइवे बाईपास, उधमपुर, खैरी, कुद के विभिन्न स्थानाें पर रोका गया है।जिला उपायुक्त जम्मू सिमरनदीप सिंह का कहना है कि जम्मू से आगे यात्रा फिलहाल न जाने के बावजूद यहां भीड़ नहीं है। 

इसका मुख्य कारण प्रशासन की ओर से यात्रियों को हर जिले में रोकना और उनके ठहरने की व्यवस्था करना है। यात्रियों से अपील की गई है कि जब तक यात्रा बहाल नहीं होती, वे श्री माता वैष्णो देवी और अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करें। बालटाल और पहलगाम बेस कैंप में सुरक्षा के तगड़े प्रबंध किए गए हैं। 

चिकित्सा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। बालटाल आधार शिविर में फंसे जम्मू डेवलपमेंट अथारिटी (जेडीए) के अधिकारी राजिंद्र कुमार का दावा है कि यहां लगभग 18 हजार श्रद्धालु फंसे हुए हैं। राशन का भी अभाव होता जा रहा है।
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