घाटी में आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर किसी अनहोनी घटना की आशंका को देखते हुए रविवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनिहाल से आगे वाहनों की आवाजाही बंद रखने से हजारों पर्यटक और अमरनाथ यात्री रास्ते में फंसे रहे। दोपहर बाद घाटी के लिए रामबन में रोके गए करीब एक हजार ट्रकों के साथ निजी वाहनों को भेजा गया। आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को नहीं भेजा गया। राजोरी और पुंछ को कश्मीर से जोड़ने वाले मुगल रोड पर भी वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई। हालांकि बालटाल और पहलगाम बेस कैंपों में पहले से मौजूद यात्रियों को पवित्र गुफा की ओर भेजा गया। डीजीपी डा. एसपी वेद के अनुसार सोमवार को यात्रा बहाल होगी और हाईवे खुलेगा।
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से रविवार को किसी भी यात्री को नहीं भेजा गया। यहां देर शाम तक करीब 2500 यात्री पहुंच गए थे। निजी वाहनों से हाईवे से सीधे गए यात्रियों को नगरोटा सहित अन्य स्थानों पर रोक दिया गया। इससे पुलिस और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को यात्रियों का विरोध झेलना पड़ा। मौसम की मार और घाटी में खराब हालात से देशभर से आए करीब बीस हजार अमरनाथ यात्रियों को पिछले सात दिन में विभिन्न जगहों पर रुकना पड़ा है। हाईवे ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सोमवार को सुबह 11.30 बजे के बाद घाटी के लिए वाहनों को जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
हृदयगति रुकने से यात्री की मौत
गांदरबल जिला में स्थित बालटाल बेस कैंप में हृदय गति रुकने से अमरनाथ महिला श्रद्धालु हैदराबाद निवासी लक्ष्मी भाई (54) की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार शनिवार की रात लक्ष्मी भाई की हालत खराब होने पर उसे बेस कैंप लाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। इसके साथ अब तक यात्रा में विभिन्न कारणों से 13 लोगों की मौत हो चुकी है।