दो साल बाद हो रही अमरनाथ यात्रा की फूलप्रूफ तैयारियों के बीच ऑपरेशन शिवा आतंकियों के लिए काल बनेगा। इसके तहत सेना अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर आतंकी तंजीमों के खिलाफ अभियान चलाकर सुरक्षा को पुख्ता बनाएगी। जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर पूरे यात्रा मार्ग पर कश्मीर संभाग तक सर्विलांस बढ़ा दी गई है। यात्रा के दौरान ड्रोन से भी निगरानी रहेगी, लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा बल आतंकियों के ठिकानों का पता लगाकर उनके सफाए के लिए व्यापक पैमाने पर अभियान चला रहे हैं। इसमें आने वाले दिनों में और तेजी आएगी। तैयारी यात्रा रूट तथा आधार शिविरों के साथ ही जम्मू से कश्मीर तक हाईवे से सटे इलाकों को पूरी तरह आतंकियों से मुक्त रखने की है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे से सटे इलाकों को खंगालकर पूरी तरह से आतंकियों से मुक्त रखा जाए। हाईवे से जुड़ने वाले सभी रास्तों पर पैनी निगाह रहेगी। इन सबके अलावा सभी मंदिरों की सुरक्षा भी पुख्ता बनाई जाएगी। घुसपैठ के रास्ते पर भी पैनी निगाह रखी जाएगी ताकि पाकिस्तान खलल डालने की साजिश के तहत आतंकियों को धकेल न सके।
यात्रा से पहले आतंकी तंजीमों के मददगारों, पनाहगारों, कुख्यात पत्थरबाजों तथा हाइब्रिड आतंकियों के खिलाफ व्यापक पैमाने पर अभियान चलाकर उन पर नकेल कसी जाएगी। सेना के उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कहना है कि अमरनाथ यात्रा में हर बार की तरह इस बार भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। ऑपरेशन शिवा के जरिये आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए फूलप्रूफ सुरक्षा तथा वारदात विहीन यात्रा सुनिश्चित कराई जाएगी।
अमरनाथ यात्रा के पारंपरिक रूट के साथ यात्रा मार्ग (नेशनल हाईवे) और उसके आसपास के इलाकों में पिछले करीब एक सप्ताह से आतंक विरोधी ऑपरेशनों में तेजी लाई गई है। इन ऑपरेशनों में सुरक्षाबलों को अच्छी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि उनकी पूरी कोशिश है कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जाए और उस दौरान कोई आतंकी वारदात न पेश आए।
मई महीने के पहले 11 दिनों में आतंकियों के खिलाफ चार बड़े ऑपरेशन अंजाम दिए गए हैं। इन ऑपरेशनों में सुरक्षाबलों को 7 आतंकियों को मार गिराने में सफलता हाथ लगी, जिनमें से एक पाकिस्तानी आतंकी हैदर भी शामिल था। इसके अलावा इन ऑपरेशनों में सुरक्षाबलों को हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन के सबसे लम्बेसमय से सक्रीय आतंकी अशरफ मोलवी को दो अन्य आतंकियों के साथ मारने में सफलता हाथ लगी। कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार मोलवी के मारे जाने को सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता बता रहे हैं।
यात्रा शुरू होने में अभी डेढ़ महीने का समय है, लेकिन अभी से सुरक्षा के मद्देनजर व्यापक पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इसके तहत जिन भी जिलों से यात्रा गुजरती है वहां के पड़ाव स्थलों की सुरक्षा की अभी से प्लान तैयार कर लिया गया है। कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, रामबन, कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा, श्रीनगर व गांदरबल जिलों में सभी पड़ाव स्थलों तथा लंगर वाले स्थलों की सुरक्षा का खाका तैयार है। जम्मू में रामबन के पास चंद्रकोट में पर तीन हजार यात्रियों के ठहरने की क्षमता वाले यात्री निवास और श्रीनगर के पंथा चौक पर निर्माणाधीन यात्री निवास भी सुरक्षा घेरे में रहेगा। जम्मू आधार शिविर से यात्री सुरक्षा घेरे में निकलेंगे। आरएफआईडी चिप भी वाहनों पर लगा होगा ताकि उन्हें ट्रैक करने में आसानी रहे।
अमरनाथ यात्रा के दौरान ड्रोन हमले तथा स्टिकी बम का खतरा भी बना रहेगा। इससे निपटने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से पूरी तैयारी की गई है। यात्रा रूट पर आईईडी प्लांट करने की साजिशों को नाकाम बनाने के लिए रोड ओपनिंग पार्टी को और सतर्क रखा जाएगा। खासकर हाईवे से सटे इलाकों पर ध्यान केंद्रित होगा।