जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से शुक्रवार तड़के 4,821 तीर्थयात्रियों का जत्था घाटी के लिए रवाना हुआ। ये तीर्थयात्रियों का 22वां जत्था है। इसमें 3,259 पुरुष, 1,482 महिलाएं और आठ बच्चे शामिल हैं।
श्री अमरनाथ यात्री के लिए देशभर से भोले के भक्त जम्मू कश्मीर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को जम्मू से एक और जत्था कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। वहीं, पहलगाम और बालटाल से भी एक-एक जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ। अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालु हिमशिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। पिछले साल साढ़े चार लाख से अधिक लोगों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। इस बार यात्रा 29 जून से शूरू होकर 19 अगस्त तक जारी रहेगी।
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जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से शुक्रवार तड़के 4,821 तीर्थयात्रियों का जत्था घाटी के लिए रवाना हुआ। ये तीर्थयात्रियों का 22वां जत्था है। इसमें 3,259 पुरुष, 1,482 महिलाएं और आठ बच्चे शामिल हैं।
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड अमरनाथ यात्रा का आयोजन करता है। इस यात्रा को दो मार्गों से पूरा किया जाता है। एक पहलगाम के माध्यम से और दूसरा बालटाल के माध्यम से। बालटाल जम्मू और कश्मीर के गांदरबल जिले में तीर्थयात्रियों के लिए शिविर स्थल के रूप में कार्य करता है। पवित्र तीर्थस्थल पर आने वाले लगभग सभी तीर्थयात्रियों ने कहा कि वे यात्रा के लिए प्रदान की गई सेवाओं से संतुष्ट हैं।
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पहली बार तीर्थस्थल पर आए एक तीर्थयात्री ने कहा, "मैं यात्रा का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। मैं लंबे समय से इसकी योजना बना रहा था और इस साल मैं यात्रा करने में सक्षम हूं। सेवाएं बहुत अच्छी हैं और मैं इस समय यहां आकर खुश हूं।"
इस साल, अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के बीच हो रही है। सोमवार, 15 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भट्टा इलाके में देर रात सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक संक्षिप्त गोलीबारी हुई। देसा वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में चार जवान बलिदान हो गए।
पुलिस ने गुरुवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के कास्तीगढ़ इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक और मुठभेड़ हुई। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना उन इलाकों में आतंकवादियों की तलाश के लिए मिलकर काम कर रही है।