पी-51 बी-1, बी-41, पी-27, पी-17, बी-2, पी-13, बी-4... आपने यह नंबर देखे हैं, एक सेकेंड रुकिए...आपने सुना है नंबर, यह मेरे को नंबर मिल नहीं रहा, मैं काफी प्रयास कर रहा हूं। जगह जगह देख रहा हूं। मैंने सभी जगह घूम लिया। अरे भाईसाहब पी27 पढ़ा कहीं, नहीं शायद बी 27 देखा है। 10 मिनट से कशमकश कर रही हूं फिर भी मेरे को बी 1 नंबर नहीं मिला।
यह चिंता आधार शिविर भगवती नगर में उस समय बढ़ गई जब देर रात 2 बजे लाउड स्पीकर पर घोषणा हुई कि बालटाल जाने वाले भक्त अपनी बसों के पास पहुंच जाएं। इसके बाद पहलगाम से यात्रा करने वाले। फिर शुरू हुआ भागमभाग का सिलसिला। राज्यस्थान से परिवार के साथ आई अकांक्षा, यूपी के रामपुर से नौ दोस्तों के साथ पहुंचे रितेश, अतुल, प्रतीक, रवि लवकेश, आकाश आदि के साथ अन्य श्रद्धालु अपनी बस का नंबर ढूंढने में जुट गए।
पी यानी पहलगाम और बी बालटाल। दोनों रास्तों से दर्शन करने के लिए उत्सुक श्रद्धालु बसों के उक्त नंबर एक दूसरे से पता करते हुए श्रद्धा का परिचय दे रहे थे। भक्ति के आगे अधूरी नींद और थकावट ने जोश का रूप ले लिया था। 30 मिनट तक भक्तों में असमंजस की स्थिति रही। जब बारी बारी बस का नंबर मिलने लगा तो पार्किंग स्थल हर हर महादेव के जयघोष से गूंजने लगा।
इससे पूरा परिसर शिवमय हो गया। प्रशासनिक स्तर पर ऐसे प्रबंध किए गए जिसमें बसों को एक फ्रीक्वेंसी नंबर की तरह इस्तेमाल किया गया। बसों में चढ़ते ही भक्तों के चेहरों पर रौनक बढ़ गई। इसी बीच 4 यात्री बी3 नंबर ढूंढते हुए मिले। पूछा-भाई साहब क्या आपने इस नंबर की बस देखी है मौके पर उनके साथ गए तो काफी मशक्कत करने के बाद बस मिल गई।
कड़ी सुरक्षा के बीच कतार में बसों का काफिला 2 बज कर 20 मिनट पर चला। 20 मिनट के अंतराल में 5, 10 और 15 मिनट स्टॉपेज रहा। यह प्रक्रिया पौने घंटे तक चली। हर दो-तीन किलोमीटर के दायरे में सीआरपीएफ के जवान भोले के भक्तों का स्वागत करने के लिए तड़के ही सड़कों पर पूरे जज्बे के साथ डटे रहे।
15 मिनट के अंतराल में पुलिस का काफिला मुख्य चौराहों पर हरी झंडी देने में लगा रहा। साथ ही जवान बम बम भोले, जय भोले कहकर भक्तों का अभिनंदन करते रहे। करीब 8 बजे चंद्रकोट आधार शिविर में जत्थे का ठहराव हुआ। प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रियों का प्रवेश हुआ।
स्कैनिंग मशीन के जरिए सामान की जांच की गई। यहां पहले से ही दो लंगर संगठनों ने सेवा के लिए तैयारियां पूरी की थीं। लक्ष्मी नारायण मंडल फरीदाबाद की ओर से दाल, कड़ी, सोयाबीन की सब्जी, लड्डू, बालूशाही परोसे गए। दोपहर को हलवा और चाय के साथ बिस्किट, रस, नमकीन का वितरण किया गया।
शाम को जलेबी, गोलगप्पे सहित अन्य प्रकार के व्यंजन का इंतजाम रहा। प्रधान सुंदर लाल भाटिया के अनुसार 30 जून से लंगर चल रहा है जो भोले की कृपा तक जारी रहेगा। सेवा कार्यों में 35 सेवादार लगे हैं। हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। मेंबर ललित कुमार पूरी व्यवस्था की देखरेख कर रहे हैं।
100 कदम की दूरी पर अशोक कुमार रिंपी लंगर की सेवा में जुटे थे। 95 सेवादार और आठ सदस्य श्री नीलकंठ महादेव समिति फिरोजपुर पंजाब का हिस्सा बन भक्तों के लिए निरंतर सेवा कार्य कर रहे हैं। नाश्ते में ब्रेड पकोड़ा, जैम-सैंडविच, लंच में राजमाह, चावल, चना पनीर व पूरी, मिसी रोटी, रूमाली रोटी, डिनर में दाल, चने पेठे की दाल परोसी गई।