उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। अब जनजातीय छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के लिए लॉ20 योजना शुरू की गई है। उन्होंने टीआरआई वूल वेब पोर्टल और मौसमी परिवर्तन करने वाले लोगों के लिए जीआईएस पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि नए वेब पोर्टल में जम्मू-कश्मीर के सभी 4 लाख जनजातीय का डेटा बेस होगा, जो उन्हें किसी भी समय ट्रैक करने में मदद करेगा।
लोगों से जनजातीय समुदाय के सदस्यों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने का आग्रह करते हुए कहा कि हम सरकारी विभागों को जनजाीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने का भी निर्देश देंगे। उन्होंने नृत्य और संगीत के माध्यम से समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत का प्रदर्शन करने के लिए विभिन्न राज्यों के आदिवासी समुदाय के कलाकारों की सराहना की। उन्होंने कारीगरों और उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को स्मार्ट उपकरण भी सौंपे।
जनजातीय कार्य विभाग के सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने प्रदेश में जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए प्रशासन द्वारा की गई पहलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।कहा कि जनजातीय कार्य विभाग जोधपुर स्थित केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड के सहयोग से भेड़ पालन से जुड़े परिवारों के लिए कई योजनाएं शुरू कर रहा है।
लॉ 20 योजना के तहत जनजातीय छात्रावासों में रहने वाले कानून के छात्रों को देश के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान द्वारा प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान की जाएगी। जीआईएस पोर्टल प्रवासी जनजातीय आबादी पर नजर रखने में मदद करेगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. नवल जीत कपूर, विभिन्न राज्यों के सचिव समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।